पाक बाढ़ राहत में घोटाले की जाँच

  • 6 जून 2011
पाकिस्तान बाढ़ इमेज कॉपीरइट Reuters

ब्रिटिश सहायता एजेंसी ऑक्सफ़ैम ने पिछले साल पाकिस्तान में आई सैलाब के दौरान दी गई बाढ़ राहत में 'वित्तीय अनियमितताओं' की जाँच शुरू कर दी है.

दक्षिणी प्रांत सिंध में अनियमितताओं की बात सामने आने के बाद जाँच का काम वित्तीय लेखा-जोखा करनेवाली संस्था प्राईसवाटर हाउस कूपर को दे दिया गया है.

एक प्रवक्ता ने कहा कि वो ग़ायब धन को ढ़ूंढ निकालने की पूरी कोशिश करेंगे.

जुलाई, 2010 में आई बाढ़ के दौरान 1700 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

ऑक्सफ़ैम ख़ैबर पख़तूनख्वा, पंजाब और सिंध में तक़रीबन साढ़े 19 लाख लोगों के लिए बाढ़ राहत का काम कर रहा है जिसमें लोगों के लिए पीने का साफ़ पानी, साफ़-सफ़ाई और टेंट आदि मुहैया करवाए गए हैं.

पारदर्शिता

एक बयान में संस्था ने कहा है कि ऑक्सफ़ैम अपने सभी कामों में कड़े वित्तीय लेखा-जोखा का पालन और पारदर्शिता का पालन करता है.

संस्था ने कहा है, "ऑक्सफ़ैम की अपनी छान-बीन के दौरान अनियमितता की बात सामने आने के बाद जाँच का काम एक बाहर की एजेंसी को दिया गया है. हम ये जाँच इसीलिए कर रहे हैं ताकि हम जिन लोगों के साथ काम कर रहे हैं उनके लिए आगे भी काम जारी रखा जा सके."

बयान में कहा गया है कि जाँच पूरी होने तक संस्था सहायता के लिए और राशि की घोषणा नहीं करेगा.

हालांकि पिछली गर्मियों में आए सैलाब में मारे जानेवालों की तादाद बहुत ज़्यादा नहीं थी, लेकिन आपदा से प्रभावितों होनेवालों की संख्या एक करोड़ चालीस लाख से दो करोड़ लोगों के बीच थी.

उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र से शुरू हुए इस बाढ़ ने बाद में दक्षिण का रूख़ किया था और इसने एक करोड़ बीस लाख घरों को तबाह किया था जबकि पाकिस्तान की कुल खेती की ज़मीन का 14 प्रतिशत हिस्सा इसकी चपेट में आ गया था.

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