सरबजीत के लिए राष्ट्रपति से फिर गुहार

  • 8 जून 2011
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Image caption सरबजीत पिछले 21 सालों से पाकिस्तान में क़ैद हैं.

पाकिस्तान की एक जेल में सज़ा काट रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने उनकी मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदलने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी से अपील की है.

दलबीर कौर मंगलवार को लाहौर पहुँची थी और उन्होंने कोट लखपत जेल में क़ैद अपने भाई सरबजीत सिंह से मुलाक़ात की कोशिश की लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी.

उन्होंने बाद में सरबजीत सिंह के वकील ओवैस शैख़ के साथ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “मैंने राष्ट्रपति ज़रदारी जी से आग्रह किया है कि वह मेहरबानी करके सरबजीत के मामले की तरफ़ ध्यान दें और उनकी मौत की सज़ा को उम्र क़ैद में बदल दें.”

उन्होंने भारत और पाकिस्तान से मांग की कि वह मौत की सज़ा को ख़त्म कर दें और कहा कि दोनों देशों को चाहिए कि वह एक दूसरे क़ैदियों का ख़्याल रखें और ज़रुरी सविधाएं दी जाएँ.

दलबीर कौर ने बताया कि वे एक महीने के वीज़ा पर पाकिस्तान आई हैं और वे अपनी भाई से मुलाक़ात केलिए सरकारी इजाज़त नामे का इंतिज़ार कर रही हैं.

उन्होंने अपने भाई की रिहाई के लिए राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात करने की इच्छा की है और उम्मीद भी जताई है कि सरकार उनको सरबजीत से मिलने की अनुमति देगी.

'सरबजीत निर्दोष'

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना रहा है कि सरबजीत सिंह का नाम दरअसल मंजीत सिंह है और 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में हुए बम विस्फोट में वो शामिल थे. उस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई थी.

सरबजीत के परिवार का कहना है कि उसे झूठे मामले में फँसाया गया है और वे मंजीत नहीं बल्कि सरबजीत हैं.

सुप्रीम कोर्ट और पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ इससे पहले सरबजीत सिंह की दया याचिका ख़ारिज कर चुके हैं.

मगर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने सरबजीत सिंह की मौत की सज़ा अगले आदेश तक रोक दी थी.

सरबजीत के वकील ओवैस शैख़ ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तानी अदालतों के फ़ैसलों की रोशनी में अगर फ़ांसी की सज़ा का क़ैदी एक लंबी क़ैद काटे और उनकी सज़ा पर अमल नहीं हो तो उनकी फ़ांसी की सज़ा को उम्र क़ैद में बदल दिया जाए.

उनके मुताबिक सरबजीत सिंह को मौत की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन वह पिछले 21 साल से क़ैद हैं.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी अदालती फ़ैसलों की बुनियाद पर सरबजीत सिंह की सज़ा-ए-मौत उम्र क़ैद में बदल सकते हैं क्योंकि वे पिछले 21 साल से जेल में क़ैद हैं.

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