सुरक्षाकर्मियों ने दिन दहाड़े युवक को गोली मारी

गिलानी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption प्रधानमंत्री ने इस घटना की जाँच का आदेश दिया है

बुधवार को कराची में अर्धसैनिक बलों के दिन दहाड़े एक युवक को गोली मारने की घटना के एक सिंधी टीवी चैनल पर प्रसारण के बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पूरे मामले की जाँच का आदेश दिया है.

सरफ़राज़ शाह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. एक सिंधी टीवी चैनल आवाज़ टीवी के कैमरामेन ने इस घटना को रिकॉर्ड किया था और गुरुवार को पूरा दिन पाकिस्तान के सभी टीवी चैनलों पर यह टीवी फ़ुटेज छाया रहा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने युवा की हत्या का संज्ञान लेते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रुप से इस मामले पर नज़र रख रहे हैं और अभियुक्तों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाएँगे.

उन्होंने यह बात संसद में उस समय कही जब विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के वरिष्ठ सांसद ख़्वाजा साद रफ़ीक़ ने कड़े शब्दों में सुरक्षा बलों की निंदा की और घटना को आतंकवाद क़रार दिया.

टीवी पर दिखाई जा रही फ़ुटेज के अनुसार एक व्यक्ति एक युवा को बालों से पकड़ कर पार्क के अंदर से लाता है और उसे सुरक्षाकर्मियों के हवाले करता है.

उसके बाद वो युवक दया की भीख माँगता दिखाई देता है लेकिन एक सुरक्षाकर्मी युवा को करीब से गोली मारता है जो उसकी टांग पर लगती है और वो गिर जाता है.

कराची से बीबीसी संवाददाता रियाज़ सुहैल ने बताया कि घायल युवक सरफ़राज़ शाह को शहर के जिन्ना अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन उसकी अस्पताल में मौत हो गई.

'निष्पक्ष जाँच की माँग'

रियाज़ सुहैल के मुताबिक युवक के परिजनों के पिछली रात मुख्यमंत्री आवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जाँच की मांग की थी.

अर्धसैनिक बलों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है और मात्र इतना कहा कि वे फ़िलहाल इस पर बात नहीं कर सकते.

दूसरी ओर संसद में गुरुवार को इस घटना का जमकर विरोध हुआ है और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption युवा के परिजनों ने निष्पक्ष जाँच की माँग की है.

संसद में सबसे पहले इस मामले पर मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के सांसद अब्दुल क़ादिर ने बात की और उन्होंने कहा कि दिन देहाड़ी किसी व्यक्ति को गोली मारने का किसी को अधिकार नहीं है और सरकार इसकी जाँच करे.

'सुरक्षाबलों की आलोचना'

विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के सांसद रफ़ीक़ ने सुरक्षाबलों की कड़ी आलोचना की और कहा कि रैंजर्स की वर्दी में आतंकवादियों ने एक माँ से बेटा छीना है.

उन्होंने कहा, "इस युवक की हत्या आंतकवादी घटना है. यह देश है या कोई जंगल? कोई लिखता है तो सलीम शहज़ाद बना दिया जाता है. सीमा की सुरक्षा करने वालों को शहरों में किसने बुलाया है?"

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने उनका जवाब देते हुए कहा कि देश की किसी संस्था के ख़िलाफ़ ग़लत शब्द इस्तेमाल न किए जाएँ क्योंकि इस मामले में कुछ अर्धसैनिक बलों ने ग़लती की है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं और कहा कि जो अर्धसैनिक बल इसके दोषी हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

संबंधित समाचार