कराची: हिंसक घटनाओं में 14 की मौत

कराची (फ़ाईल)
Image caption कराची में पिछले कई सालों से हिंसक घटनाओं और गोलीबारी का सिलसिला जारी है.

पाकिस्तान के कराची शहर में पिछले 24 घंटों के दौरान गोलीबारी और हिंसक घटनाओं में 14 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

पुलिस के मुताबिक अधिकतर लोग शहर के औरंगी टाउन में हुई गोलीबारी से मारे गए.

स्थानीय पुलिस ने बताया कि औरंगी टाउन में दूसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ताज़ा गोलीबारी में पांच लोग मारे गए जिसमें तीन युवा भी शामिल हैं.

इलाक़े के निवासी मोहम्मद वाहिद ने बीबीसी को बताया कि मंगलवार की रात को उन का भतीजा और उनके दो दोस्त इस्लामी मदरसे से पढ़ाई कर वापस लौट रहे थे कि रास्ते में उन पर फ़ायरिंग की गई. गोलीबारी में तीनों लड़के मारे गए.

उन्होंने बताया कि इलाक़े में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पूरा इलाक़ा दो दिनों से बंद हैं लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों का कोई अता पता नहीं है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ख़ुर्रम वारिस ने बीबीसी को बताया कि उनके इलाक़े में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में चार लोग मारे गए. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

'स्थिति तनावपूर्ण'

उन्होंने कहा, “किसी एक जगह सड़क बंद कर या किसी ख़ास इलाक़े में गोलीबारी नहीं हो रही है बल्कि अचानक किसी गली से फ़ायरिंग का सिलसिला शुरु हो जाता है. अब स्थिति पुलिस के नियंत्रण में है.”

दूसरी ओर शहर के पीआईबी कॉलोनी, वाटर पम्प और पुरानी सब्ज़ी मंडी के इलाक़ों में गोलीबारी की घटनाओं में तीन लोग मारे गए.

शहर में ताज़ा गोलीबारी की घटनाओं का सिलसिला अलीगढ़ कॉलोनी से शुरु हुआ जो शहर के अन्य इलाक़ों तक फ़ैल गया. उस घटना में एक वकील ज़िया आलम की भी मौत हो गई थी.

वरिष्ठ वकील ज़िया आलम की मौत के विरोध में वकील संगठनों ने मंगलवार को अदालतों का बाहिष्कार किया था और अभियुक्तों को तुरंत गिरफ़्तार करने की भी मांग की थी.

'सत्ता की लड़ाई'

उधर गठबंधन सरकार में शामिल पार्टी मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट ने कराची में गोलीबारी की घटनाओं के ख़िलाफ़ संसद के सत्र का बाहिष्कार किया था और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने गोलीबारी की घटनाओं की जाँच के आदेश दिए थे.

ग़ौरतलब है कि कराची में पिछले कई सालों से दो राजनीतिक दलों मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट और आवामी नेशनल पार्टी के बीच तनाव जारी है.

मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट विभाजन के बाद भारत से आए लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जिनको आम भाषा में मुहाजिर कहा जाता है जबकि आवामी नेशनल पार्टी पठानों का राजनीतिक दल है.

दोनों दल अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए पिछले कई सालों से लड़ रहे हैं जिसमें सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं.

संबंधित समाचार