बातचीत आतंकवाद पर भी, कश्मीर पर भी

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Image caption कई विश्लेषक इस बातचीत के नतीजे पर संदेह जता रहें हैं.

गुरूवार से शुरू हो रही भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव स्तर की वार्ता से ठीक पहले निरुपमा राव ने कहा है कि वह “खुली और रचनात्मक सोच” के साथ अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर से बातचीत करने आईं हैं.

विदेश सचिव राव ने इस्लामाबाद पहुंचकर ये बयान दिया है.

उन्होंने कहा, “मैं खुले दिमाग़ और रचनात्मक सोच के साथ पाकिस्तान आई हूँ ताकि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल हो और संबंध ओर मज़बूत हों. मैं समझती हूँ कि इस वार्ता से दोनों देशों के संबंध ओर मज़बूत होंगे और यह दोनों के विकास केलिए ज़रुरी है.”

उन्होंने आगे कहा कि उनकी यह पाकिस्तान यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वार्ता के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री दिल्ली में बातचीत करेंगे.

माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच आतंकवाद, कश्मीर समस्या, शांति और सुरक्षा, एक दूसरे के बीच विश्वास की बहाली और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ाने के लिए बातचीत होगी.

दोनों देश 2008 में भारत के मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से संबंधों को सुधारने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रहें हैं और यह बातचीत भी उसी कोशिश का एक हिस्सा है.

ये बातचीत दो दिनों तक जारी रहेगी और शुक्रवार को एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा.

आतंकवाद भी, कश्मीर भी

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि इस वार्ता में कश्मीर समस्या के अलावा शांति और सुरक्षा, एक दूसरे के बीच विश्वास की बहाली और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ाने के लिए बातचीत होगी.

Image caption राव और बशीर की ये बातचीत अगले महीने दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बातचीत के लिए ज़मीन तैयार करेगी.

भारत ने कहा है कि कि पूरा क्षेत्र आतंकवाद से ग्रस्त है और वो बातचीत का अहम अंग होगा. इसके अलावा भारतीय पक्ष ने सभी अन्य मुद्दों पर बातचीत होने की बात कही है.

भारत ने स्पष्ठ किया है कि मुंबई हमलों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया जाएगा. इस संबंध में पाकिस्तान में चल रहे मुक़दमों की धीमी गति को लेकर भारत ने कई बार अपनी चिंता जताई है.

विदेश सचिव स्तर पर होने वाली इस बातचीत के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री भी अगले महीने भारत की राजधानी दिल्ली में बातचीत करेंगे.

विदेश सचिवों की मुलाक़ात में अगले महीने विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत का एजेंडा भी तय किया जाएगा.

इससे पहले इसी साल फ़रवरी में भूटान की राजधानी थिम्पू में हुए सार्क सम्मेलन के दौरान भारत की विदेश सचिव निरूपमा राव ने पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर से मुलाक़ात की थी.

उस मुलाक़ात के बाद दोनों विदेश सचिवों ने तमाम मुद्दों को बातचीत के ज़रिए सुलझाने पर सहमति जताई थी.

इसके बाद क्रिकेट के विश्व कप मुक़ाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए सेमी फ़ाईनल मैच को देखने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी अपने भारतीय समकक्ष मनमोहन सिंह के न्यौते पर मोहाली गए थे.

मोहाली में दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाक़ात के दौरान भी इस बात को दोहराया गया था कि दोनों देश इस बात पर सहमत है कि सभी मुद्दों को बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए.

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