'सलीम शहज़ाद की हत्या के पीछे आईएसआई'

सलीम शहज़ाद इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption सलीम शहज़ाद ने पाकिस्तान में चरमपंथ पर कई सनसनीख़ेज़ ख़बरें दी थीं

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि अमरीकी प्रशासन के अधिकारियों को पूरा यक़ीन है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने पाकिस्तानी पत्रकार सलीम शहज़ाद की हत्या का आदेश दिया था.

पत्रकार सलीम शहज़ाद को 29 मई को अग़वा किया गया था और दो दिनों बाद उनकी लाश मंडी बहाउद्दीन से मिली थी.

सलीम शहज़ाद की लाश पर प्रताड़ना के निशान थे और मानवाधिकार की अंतरराष्ट्रीय संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस हत्या के लिए पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसियों को ज़िम्मेदार ठहराया था.

हालांकि सलीम शहज़ाद की हत्या के दो दिनों बाद एक बयान जारी कर आईएसआई ने उसके ऊपर लग रहे किसी भी आरोप को सिरे से ख़ारिज कर दिया था.

उस समय आईएसआई ने कहा था कि पत्रकार की हत्या की आड़ में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को बदनाम किया जा रहा है.

'ख़ुफ़िया जानकारी'

न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ अमरीका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 29 मई को सलीम शहजा़द के अग़वा होने से पहले और फिर उनकी लाश मिलने तक के दौरान की जो ख़ुफ़िया जानकारियां जमा की गई हैं उनके मुताबिक़ आईएसआई ने उन पर हमला करने का आदेश दिया था.

अख़बार का कहना है कि अधिकारियों का मानना है कि इस संबंध में जो ख़ुफ़िया जानकारियां जमा की गई हैं वह पूरी तरह सही हैं.

अख़बार के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अभी इस बात पर विचार किया जा रहा है कि सलीम शहज़ाद की हत्या से संबंधित जानकारी पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ किस तरह से साझा की जाए.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption सलीम शहज़ाद की हत्या का पूरे पाकिस्तान में विरोध हुआ

कहा जा रहा है कि अमरीकी अधिकारियों के इस बयान के बाद अमरीका और पाकिस्तान के बीच संबंध और ख़राब हो सकते हैं.

पहले दो युवकों की हत्या के मामले में सीआईए से जु़ड़े एक अधिकारी की पाकिस्तान में गिरफ़्तारी और फिर मई के महीने में पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में अमरीकी सैनिक कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से पाकिस्तान और अमरीका के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि इस ख़ुफ़िया जानकारी के बारे में जानकारी एक सवाल के जवाब में दो अधिकारियों ने बेमन दी. इनमें से एक अधिकारी ने कहा था, ''इस हत्या के बारे में उच्च स्तर पर लोग चिंतित हैं और कोई इतना भी व्यस्त नहीं है कि इस ओर उसका ध्यान न जाए.''

एक अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि तमाम संकेत इस बात को स्पष्ट करते हैं कि ये जानबूझकर किसी को निशाना बना कर की गई हत्या का मामला था जिसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के तमाम पत्रकारों को भयभीत करना था.

अख़बार का कहना है कि इस बारे में आईएसआई के प्रवक्ता से जब पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रवक्ता जॉर्ज लिटल ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

खोजी पत्रकारिता ने ली जान

पत्रकार सलीम शहज़ाद 29 मई को एक टीवी शो के लिए जाते हुए अचानक इस्लामाबाद से अगवा कर लिए गए थे. दो दिनों बाद यानी 31 मई को उनका शव मिला था.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption नौसेना अड्डे पर हुए हमलों को लेकर भी सलीम शहज़ाद ने कई अंदरूनी जानकारियाँ प्रकाशित की थीं

पुलिस का कहना है कि उनकी हत्या की गई थी.

सलीम शहज़ाद एक न्यूज़ वेबसाइट ‘एशिया टाइम्स’ के लिए काम करते थे.

बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी ख़बर में पाकिस्तानी नौसेना के कुछ अधिकारियों और चरमपंथी गुट अल-क़ायदा के बीच कथित तौर पर संबंधों का उल्लेख किया था.

सलीम शहज़ाद ने भी अपनी ख़बर में लिखा था कि नौसेना ने अपने कुछ अधिकारियों को हिरासत में लिया था जिन पर अल-क़ायदा से संबंध के आरोप थे और अल-क़ायदा उन अधिकारियों को रिहा करवाने के लिए नौसेना से बातचीत कर रही थी.

उन्होंने लिखा था कि नौसेना और अल-क़ायदा के बीच बातचीत विफल होने के बाद चरमपंथियों ने कराची में 22 मई को नौसेना के अड्डे पर हमला किया था.

उन्होंने ये भी लिखा था कि नौसेना और अल-क़ायदा के बीच बातचीत की नाकामी के बाद नौसेना को हमलों की धमकियाँ भी मिली थीं.

पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के दबाव में बाद सरकार ने पिछले दिनों उनकी हत्या की जाँच के लिए एक आयोग के गठन की घोषणा की थी.

संबंधित समाचार