कराची में तीन दिनों में 56 मौतें

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Image caption कराची में अक्सर ऐसी वारदातें होती हैं जिसमें लोगों को निशाना बनाया जाता है.

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में अब तक 56 लोग मारे जा चुके हैं. मरने वालों में एक बच्ची और एक महिला भी शामिल हैं.

शहर में हिंसक घटनाओं के दौरान यात्री बसों को भी निशाना बनाया गया और कुछ अज्ञात लोगों ने दो यात्री बसों पर गोलीबारी की.

शहर के औरंगी टाउन, क़्सबा कॉलोनी और उसके आस पास के इलाक़ों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

संवेदनशील इलाक़ों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.

कराची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि हिंसक घटनाओं का ताज़ा सिलसिला मंगलवार को शुरु हुआ था जिसमें अधिकतर मौतें शहर के औरंगी टाउन में हुई हैं.

उनके मुताबिक़ शहर के गुलशन-ए-इक़बाल, बलदिया टाउन और गार्डन में भी हिंसक घटनाएँ घटी हैं.

औरंगी टाउन के इलाक़े क़स्बा कॉलोनी में गुरुवार को भी स्थिति तनावपूर्ण रही. सुबह से एक बार फिर भीषण गोलीबारी का सिलसिला शुरु हो गया है.

दूसरी ओर एक राजनीतिक दल अवामी नेशनल पार्टी ने दावा किया है कि ताज़ा हिंसक घटनाओं में उनके 11 कार्यकर्ता मारे गए हैं और 15 अन्य घायल हो गए हैं.

'स्थानीय प्रशासन विफल'

पार्टी प्रवक्ता क़ादिर ख़ान का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी शहर में केवल नाटक देखने के सिवा कुछ नहीं कर रहे हैं और पुलिस और अर्धसैनिकबल पूरी तरह से विफल हो चुके हैं.

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि अवाम को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कराची शहर को फ़ौज के हवाले कर दिया जाए.

राजनीतिक दल मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने अपने बयान में कहा है कि शहर के औरंगी टाउन, क़स्बा कॉलोनी, गुल्फ़ामाबाद और अन्य इलाक़ों में पुलिस और अर्धसैनिकबलों की मौजूदगी में आम लोगों के घरों पर हमले किए जा रहे हैं.

कराची में बिगड़ी हुई स्थिति पर एमक्यूएम के वरिष्ठ नेताओं की एक आपात बैठक हुई जिसमें शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के सामने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की गई.

'बंद की चेतावनी'

एमक्यूएम के वरिष्ठ नेता रज़ा हारुन ने पत्रकारों को बताया कि सरकार लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में बिल्कुल नाकाम हो गई है और पिछले तीन दिनों से लगातार हिंसक घटनाएँ हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि शहर में गोलीबारी और हिंसक घटनाओं का सिलसिला न रुका तो उनकी पार्टी शहर में बंद का आह्वान करेगी.

दूसरी ओर सिंध के मुख्यमंत्री सैयद क़ायम अली शाह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें पुलिस और अर्धसैनिकबलों को वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.

मुख्यमंत्री आवास से जारी एक प्रेस बयान के मुताबिक़ मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि जिस इलाक़े में भी कोई घटना घटी उस इलाक़े के थानेदार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

ग़ौरतलब है कि कराची में पिछले कई सालों में कथित हत्याओं का सिलसिला जारी है जिसमें सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के मुताबिक़ पिछले छह महीनों में कराची में 490 लोग मारे गए हैं.

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