कराची: मृतकों की संख्या 80 तक पहुँची

कराची
Image caption चार दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बाद शहर बंद है. मृत्कों की संख्या 60 हो गई है.

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची की सड़के वीरान हैं और कारोबार बंद है. पिछले चार दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में अब तक 80 लोग मारे जा चुके हैं.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट यानि एमक्यूएम ने शहर की बिगड़ी हुई स्थिति के विरोध में शुक्रवार को शोक की घोषणा की थी और यात्री बसों पर गोलीबारी के बाद यातायात भी न होने के बराबर है.

कराची के सभी छोटे बड़े कारोबारी केंद्र और दुकानें बिल्कुल बंद हैं जबकि सर्वजानिक यातायात न होने के कारण निजी और सरकारी दफ़्तारों में उपस्थिति बहुत कम है.

शहर की बिगड़ी हुई स्थिति के मद्देनज़र कराची विश्वविद्यालय और दूसरी संस्थाओं में होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है.

गृहमंत्री रहमान मलिक ने कराची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस ने घटानओं नें लिप्त करीब 89 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.

'अमरीकी राजदूत की चिंता'

दूसरी ओर पाकिस्तान में अमरीका राजदूत कैमरन मंटर ने कराची में हिंसा की बढ़ती हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है.

उन्होंने अपने बयान में सभी राजनीतिक दलों से हिंसा को ख़त्म करने और समस्याओं को शांतिपूर्वक ढंग से हल करने की मांग की है.

उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों के दौरान बच्चों और महिलाओं सहित 60 लोगों की मौतें बहुत बड़ी त्रासदी है और उन्होंने मरने वालों के परिजनों से संवेदना प्रकट की है.

उधर इस्लामाबाद में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कराची में बढ़ती हुई हिंसक घटनाओं से निपटने केलिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है.

'उच्चस्तरीय बैठक'

राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने गृहमंत्री रहमान मलिक को कराची भेजा है और वहाँ उन्हें पुलिस और अर्धसैनिकबलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करने का आदेश दिया है.

गुरुवार देर रात कराची में सिंध के मुख्यमंत्री सयद क़ायम अली शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें पुलिस को घटना में लिप्त लोगों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया था.

ग़ौरतलब है कि कराची में पिछले कई सालों में कथित हत्याओं का सिलसिला जारी है जिसमें सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के मुताबिक़ पिछले छह महीनों में कराची में 490 लोग मारे गए हैं.

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