पाकिस्तान: ड्रोन हमलों में 48 मरे

वज़ीरिस्तान में  ड्रोन हमले में मारे गए लोग इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption वज़ीरिस्तान में ड्रोन हमले में मारे गए लोग

पाकिस्तान के क़बाइली इलाक़ों में पिछले 24 घंटों में हुए चार अमरीकी मानवरहित विमानों के हमलों में 48 लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए.

ताज़ा हमला उत्तर वज़ीरिस्तान के इलाक़े दत्ताख़ेल में हुआ जिसमें ड्रोन विमानों ने एक वाहन को निशाना बनाया और उस हमले में तीन लोग मारे गए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों में स्थानीय तालिबान गुट के चरमपंथी शामिल हैं.

उससे पहले स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि मंगलवार की सुबह अमरीकी ड्रोन विमानों ने दक्षिण वज़ीरिस्तान के इलाक़े बर्मल में एक वाहन को निशाना बनाया जिसमें सात लोग मारे गए.

उन्होंने बताया कि मरने वालों में विदेशी चरमपंथी हैं, लेकिन अभी तक ये पता नहीं चला सका है कि वे किस देश के नागरिक हैं.

इस हमले से कुछ घंटों पहले अमरीकी ड्रोन विमानों ने उत्तर वज़ीरिस्तान के मुख्य शहर मीरानशाह से क़रीब 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित गोरवेक इलाक़े में एक इमारत को निशाना बनाया.

'विदेशी चरमपंथी'

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ज़ीरिस्तान एजेंसी में अमरीकी ड्रोन हमले सामान्य बात बन गई है.

ये इलाक़ा अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और स्थानीय लोगों के मुताबिक़ अमरीकी ड्रोन विमानों ने चरमपंथियों के ठिकाने पर चार मिसाइल दाग़े, जिनमें कम से कम 13 लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए.

तीसरा हमला अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे इलाक़े शवाल में हुआ और ड्रोन विमानों ने चरमपंथियों के ठिकाने को निशाना बनाया. इस हमले में 25 लोग मारे गए.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्तर वज़ीरिस्तान से सटी अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षाबलों ने चरमपंथियों के ठिकानों पर हमले किए थे.

पाकिस्तान के क़बाइली इलाक़ों में पिछले कई सालों से अमरीकी ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, जिसमें मुंबई हमलों के मुख्य साज़िशकर्ता इलियास कश्मीरी सहित कई चरमपंथी मारे गए हैं.

क़बाइली इलाक़ों विशेषकर वज़ीरिस्तान एजेंसी में अमरीकी ड्रोन हमले सामान्य बात बन गई है और उसी इलाक़े में 24 घंटे ड्रोन विमान मौजूद रहते हैं.

स्थानीय लोगों के मुताबिक़ उत्तर वज़ीरिस्तान के विभिन्न इलाक़ों में एक ही वक़्त में चार से छह ड्रोन विमान मौजूद रहते हैं, जिनकी आवाज़ से वह तंग आ चुके हैं.

संबंधित समाचार