सिंध में ताज़ा हिंसा, 16 की मौत

  • 14 जुलाई 2011
कराची
Image caption हिंसा के बाद कराची सहित प्रांत के कई शहर बंद हैं.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जारी हिंसक घटनाओं में अब तक 16 लोग मारे गए हैं जिनमें एक सुरक्षाकर्मी भी शामिल है.

सिंध पुलिस के मुताबिक़ गत देर रात से जारी हिंसक घटनाओं में क़रीब 15 लोग देश के सबसे बड़े शहर कराची में मारे गए जबकि हैदराबाद में एक व्यक्ति की मौत हुई.

हिंसा का सबसे ज़्यादा असर कराची पर पड़ा है और शहर में दुकानें, पेट्रोल पम्प और सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. जबकि सड़कों पर यातायात न होने के बराबर है.

'बयान पर बवाल'

सिंध में ताज़ा हिंसा प्रांतीय पूर्व गृह मंत्री ज़ुल्फ़िक़ार मिर्ज़ा के उस बयान के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट के नेता अफ़ाक़ अहमद उर्दू भाषियों के सही प्रतिनिधि हैं और वे उनसे मुलाक़ात कर रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट कराची का एक राजनीति दल है जो मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट का प्रतिद्वंद्वी है. शहर में अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए दोनों दल पिछले कई सालों से लड़ रहे हैं.

कराची पुलिस के प्रमुख सऊद मिर्ज़ा ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा कि ताज़ा हिंसक घटनाओं में कराची में 16 लोग मारे गए.

दूसरी ओर सिंध रैंजर्स के प्रवक्ता मेजर बिलाल ने बताया कि शहर में गोलीबारी की घटना में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई, जो अपने घर जा रहे थे.

'लोगों में आक्रोश'

पूर्व गृह मंत्री के बयान के बाद कराची के विभिन्न इलाक़ों में पूरी रात गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई देती रहीं और कुछ स्थानों पर लोगों ने आक्रोश में आ कर टायर जलाए.

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Image caption कराची में पिछले कई सालों से हिंसा जारी है जिसमें कई लोग मारे जा चुके हैं.

कराची के इलावा प्रांत के दूसरे शहरों हैदराबाद, सखर और नवाबशाह में लोगों ने पूर्व मंत्री के बयान का विरोध किया और गोलीबारी की.

पुलिस के मुताबिक़ कुछ अज्ञात लोगों ने एक ट्रक ड्राइवर को लोगी मार दी. जबकि गोलीबारी की दूसरी घटानों में पांच लोग घायल हो गए.

फ़ायरिंग की घटनाओं के शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और संवेदनशील इलाक़ों में अर्धसैनिक बल और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

'सत्ता के लिए संघर्ष'

ग़ौरतलब है कि पूर्व प्रांतीय मंत्री ज़ुल्फ़िक़ार मिर्ज़ा ने अपने बयान में यह भी कहा था कि मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट यानी एमक्यूएम अपने लिए अलग प्रांत के लिए वॉल चाकिंग करवा रही है, लेकिन वह इस मुहिम को कामयाब नहीं होनें देंगे.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के नेता फ़ैसल सबज़वारी ने ज़ुल्फ़िक़ार मिर्ज़ा पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा कि उन्हें भी उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा.

दूसरी ओर राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के सलाहकार और सत्ताधारी दल पीपुल्स पार्टी के सांसद फ़ैसल रज़ा आबदी ने अपने बयान में कहा है कि ज़ुल्फ़िक़ार मिर्ज़ा का बयान पीपुल्स पार्टी की नीति नहीं है.

ग़ौरतलब है कि कराची में पिछले कई सालों से हिंसा का सिलसिला जारी है, जिसमें सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

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