'अल-क़ायदा से ख़तरा बहुत बढ़ गया है'

  • 17 जुलाई 2011
तहमीना जंजुआ(फ़ाईल फो़टो)
Image caption ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से पाकिस्तान में चरमपंथी हमले और ज़्यादा होने लगे हैं.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान, उसकी जनता और पाकिस्तानी संस्थाओं को चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा से ख़तरा है और विदेश मंत्रालय की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने विश्वास दिलाया है.

शनिवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों से साप्ताहिक मुलाक़ात के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जनजुआ ने कहा कि अल-क़ायदा ने पाकिस्तान, पाकिस्तानी जनता और तमाम पाकिस्तानी संस्थाओं को धमकी दी है.

तहमीना जंजुआ ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के तमाम संस्थाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल ली है.

उनके अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात का यक़ीन दिलाया है कि विदेश मंत्रालय की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता ज़ुल्फ़िक़ार अली के अनुसार विदेश मंत्रालय को किस तरह का ख़तरा है इस बारे में मंत्रालय की प्रवक्ता ने कुछ नहीं बताया.

इससे पहले पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार 'डॉन' में 10 जुलाई को एक ख़बर छपी थी जिसमें पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि अल-क़ायदा से कथित तौर पर जुड़ी संस्था हरकत-उल-जिहाद अल- इस्लामी ने पाकिस्तान को उनके बारे में किसी भी जानकारी को भारत के साथ बांटने से मना किया था.

डॉन अख़बार ने सूत्रों के हवाले से कहा था कि पाकिस्तानी विदेश सचिव के नाम हाथ से लिखे गए एक ख़त में हरकत-उल-जिहाद अल- इस्लामी ने विदेश मंत्रालय को ख़बरदार किया था कि वो दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायोग को उनके संगठन के बारे में भारत के साथ जानकारी के आदान प्रदान से मना करें.

अख़बार के अनुसार चरमपंथी संगठन ने धमकी दी थी कि वो विदेश मंत्रालय, विदेश सचिव सलमान बशीर और भारत में पाकिस्तानी उच्चायोग पर हमले करेगा.

अख़बार ने ये भी लिखा था कि पुलिस अधिकारियों ने विदेश सचिव के घर भेजे गए पत्र की समीक्षा भी की थी.

अख़बार के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की थी कि ये ख़त कथित तौर पर चरमपंथी संगठन की तरफ़ से इस्लामाबाद से भेजा गया था.

अख़बार ने कहा था कि इस कथित ख़त के बाद विदेश सचिव के घर पर पुलिस कमांडो तैनात कर दिए गए थे.

इस ख़बर के छपने के बाद बीबीसी ने इस्लामाबाद के तत्कालीन पुलिस आईजी और विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जंजुआ से सच्चाई जानने के लिए संपर्क किया था लेकिन उन दोनों ने इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया था.

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