कराची में फिर हिंसा, 27 की मौत

  • 25 जुलाई 2011
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Image caption कराची पिछले कई महीनों से भीषण हिंसा का सामना कर रही है.

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में पिछले दो दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में क़रीब 27 लोग मारे गए हैं.

पुलिस के मुताबिक़ शनिवार 23 जुलाई से 24 जुलाई तक शहर के सिविल अस्पताल में 10, जिन्ना अस्पताल में साथ, अब्बासी शहीद अस्पताल में पाँच और क़तर अस्पताल में दो शव लाए गए. जबकि सोमवार को भी तीन लोग मारे गए.

कराची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि गोलीबारी और ज़्यादातर दूसरी हिंसक घटनाएँ शहर के इलाक़ों लांढी, मलीर, नॉर्थ नाज़िमाबाद और कोरंगी में घटी हैं.

उनके अनुसार पुलिस ने शहर के तनावग्रस्त इलाक़ों में कार्रवाई कर कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.

पुलिस अधिकारी नईम बरुका ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने मलीर के इलाक़े से कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया है और इसी इलाक़े में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को सतर्क कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि कराची में ताज़ा हिंसक घटनाओं का सिलसिला मलीर इलाक़े से उस वक़्त शुरु हुआ, जब मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट के कार्यकर्ता अपने घरों को लौट रहे थे और उन पर कुछ अज्ञात लोगों ने गोलीबारी कर दी.

ग़ौरतलब है कि मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट कराची का एक राजनीति दल है और वह मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट का प्रतिद्वंद्वी है.

'सत्ता के लिए लड़ाई'

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Image caption हिंसक घटनाओं से अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुँचा है.

शहर में सत्ता और अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट और मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट पिछले कई सालों से लड़ रहे हैं.

पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ के कार्यकाल में मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ़्तार किया गया था और कई छिप गए थे.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट सत्ता में परवेज़ मुशर्रफ़ के सहयोगी थे.

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने कराची में ताज़ा हिंसक घटनाओं की जाँच के लिए एक दल को गठिन करने का फ़ैसला लिया है.

'जाँच का फ़ैसला'

मानवाधिकार आयोग की प्रमुख ज़ोहरा यूसुफ़ ने पत्रकारों को बताया कि यह फ़ैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि कराची पिछले कुछ दिनों से हिंसा का सामना कर रहा है और हाल के हफ़्तों में दो से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, कई परिवार प्रभावित हुए हैं और आर्थिक गतिविधियाँ स्थागित हो गई हैं.

दूसरी ओर कराची में बिगड़ी हुई स्थिति पर विचार विमर्श करने के लिए राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है.

राष्ट्रपति ज़रदारी पिछले कई दिनों में कराची में हैं और उन्होंने कराची में बिगड़ी हुई स्थिति को बेहतर करने के लिए मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट से बातचीत के लिए अपनी पार्टी पीपुल्स पार्टी को निर्देश दिए हैं.

पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी केंद्र और सिंध की प्रांतीय गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है.

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