'ऑपरेशन ओसामा पर सेना-सरकार हैरान थी'

ओसामा कमीशन इमेज कॉपीरइट PID
Image caption ओसामा बिन लादेन के मौत की जांच कर रहे जावेद इक़बाल कमीशन की बैठक.

पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल नदीम अशफ़ाक़ ने ओसामा की मौत की जाँच कर रहे आयोग को बताया है कि पाकिस्तानी सेना को ऐबटाबाद में हुई अमरीकी कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी.

अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद गठित इस पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश जस्टिस जावेद इक़बाल कर रहे हैं जबकि वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी इसके सदस्य हैं.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी सरकार ने ऐबटाबाद में हुई अमरीकी सैन्य कार्रवाई की जाँच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की थी.

राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित ऐबटाबाद में एक और दो मई की दरम्यानी रात को हुई इस कार्रवाई में अमरीकी सैनिकों ने ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

अमरीका का कहना है कि इस कार्रवाई की जानकारी पाकिस्तान को नहीं दी गई थी लेकिन इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया था कि पाकिस्तानी सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के पास पाँच साल से ओसामा के रहने की जानकारी पाकिस्तान को कैसे नहीं थी?

दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस कार्रवाई के पहले जानकारी न दिए जाने को लेकर नाराज़गी जताई थी और कहा था कि भविष्य में वह ऐसी किसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा

इस्लामाबाद में सोमावार को आयोग की बैठक हुई जिसमें पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल अशफ़ाक़ नदीम और दूसरे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पेश हुए.

मेजर जनरल नदीम अशफ़ाक़ ने आयोग को बताया अमरीकी कार्रवाई की जानकारी सेना को बाद में मिली.

सरकार को जानकारी

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption अमरीकी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी.

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को घटना के बारे में बताया था.

उन्होंने आयोग को बताया कि अमरीका की कार्रवाई ने सेना और सरकार को हैरान कर दिया था.

मेजर जनरल नदीम अशफ़ाक़ के मुताबिक़ पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित हैं और पाकिस्तान की संप्रभुत्ता को अफ़ग़ानिस्तान और नैटो सेना से कोई ख़तरा नहीं है.

इस आयोग की अगली बैठक पहली अगस्त को होगी जिसमें ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लैफ़्टीनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा अपना पक्ष रखेंगे.

पहले हुई बैठक में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल मोहम्मद हसन ने बताया था कि दो मई के बाद वायुसेना ने अपनी पश्चिमी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है.

ओसामा पर अमरीकी कार्रवाई के बाद ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई की भूमिका पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं और मामले को लेकर उसकी कड़ी आलोचना हुई.

भारी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने ओसामा बिन लादेन की मौत की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायधीश की अध्यक्षता में आयोग के गठन का आदेश दिया था.

संबंधित समाचार