कराची में हिंसा जारी, 34 मरे

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पाकिस्तान के शहर कराची में जारी जातीय हिंसा में सोमवार के बाद से कम से कम 34 लोग मारे जा चुके हैं.

अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को 11 लोगों को मार दिया गया जबकि सोमवार को 20 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

जुलाई में हुई झड़पों और क़त्ल की घटनाओं में 200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. बताया जा रहा है कि इस हिंसा के लिए हथियारबंद गुट ज़िम्मेदार हैं जिन्हें राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला हुआ है.

पुलिस का कहना है कि इन गुटों पर अपराधियों का नियंत्रण है. लेकिन आलोचकों का आरोप है कि ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान की गठबंधन सरकार अपराधियों पर अकुंश नहीं लगाना चाहती.

आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि सरकार शांति बहाली की हर संभव कोशिश करेगी. उनका कहना था, “मैं साज़िश करने वालों को आगाह करना चाहता हूँ... आपने सरकार के सब्र का इम्तिहान लिया है. हम अब और नहीं सहेंगे. कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

प्रांतीय गृह मंत्रालय के अधिकारी शरफ़ूद्दीन मेमन ने एएफ़पी के बताया कि मंगलवार को सुरजानी ज़िले में गोलीबारी सुनी गई. पुलिस का कहना है कि एक फ़ैक्ट्री के अंदर दर्जनों मोटरसाइकलों को आग लगा दी गई.

एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि इस साल करीब छह-सात महीनों में कराची में 490 लोग मारे जा चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हिंसा का जातीय पहलू है- पश्तो और ऊर्दू बोलने वाले समुदायों को निशाना बनाया गया है. पुलिस हिंसा के लिए पशतून बहुल अवामी नेशनल पार्टी और मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट को ज़िम्मेदार मान रही है.

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