'पाकिस्तान से सभी मुद्दे जल्द हल होंगे'

  • 3 अगस्त 2011
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Image caption ग्रॉस्मेन ने अमरीकी कूटनयिकों का मुद्दा भी उठाया.

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत मार्क ग्रॉस्मैन ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से अमरीकी कूटनयिकों की यात्राओं पर लगे प्रतिबंध का मुद्दा जल्द हल हो जाएगा.

मार्क ग्रॉस्मैन पिछले दो दिनों से पाकिस्तान की यात्रा पर हैं और उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से मुलाक़ात की.

उससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान की ओर से अमरीकी कूटनयिकों की यात्राओं पर लगे प्रतिबंध का मुद्दा जल्द बातचीत के माध्यम से हल हो जाएगा.

उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तानी सरकार के कुछ नियम हैं और हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उन नियमों का किस तरह पालन किया जा सकता है.”

'नियमों का पालन होगा'

मार्क ग्रॉस्मैन ने बताया कि दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी एक ऐसे बिंदु पर सहमत होने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तान के नियमों का पालन भी हो सके और अमरीकी कूटनयिक भी आज़ादी से पाकिस्तान की यात्रा कर सकें.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तानी सरकार ने अमरीकी कूटनयिकों की पाकिस्तान में यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है और उसको सीमित कर दिया है.

विदेश मंत्रालय ने अमरीकी दूतावास को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अमरीकी कूटनयिकों को राजधानी इस्लामाबाद से बाहर जाने के लिए सरकार से अनुमति लेना ज़रूरी होगी.

इससे पहले अमरीका ने कहा था कि वह पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि उसके कूटनयिकों की यात्रों पर लगी पाबंदियों को हटाया जा सके.

पिछले हफ़्ते पाकिस्तान ने अमरीकी कूटनयिकों को इस्लामाबाद और पेशावर के बीच यात्रा करने से रोक दिया था.

'अमरीकी कूटनयिकों पर रोक'

यह जानकारी अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने दी थी. उन्होंने जवाबी कार्रवाई के तौर पर अमरीका में पाकिस्तानी कूटनयिकों पर इसी तरह की पाबंदियाँ लगाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया.

पिछले कई दिनों से अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों में काफ़ी कड़वाहट आई है.

मई के महीने में अमरीकी सैनिकों ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ऐबटाबाद में छिपे ओसामा बिन लादेन को मार डाला था. इस घटना से पाकिस्तान में बहुत सारे लोगों में ग़ुस्सा फैल गया था.

अमरीका में सवाल पूछे जाने लगे थे कि क्या पाकिस्तान के अधिकारियों को अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन के छिपे होने की जानकारी थी.

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