आम लोगों से जानकारी मांगी

ऐबटाबाद में बिन लादेन का ठिकाना इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption आयोग ने आम लोगों से ऐबटाबाद में अमरीकी कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है.

अल क़ायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत की जाँच कर रहे आयोग ने एक बार फिर आम लोगों से दो मई की घटना की कोई भी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश की अध्यक्षता में बने इस आयोग ने अपना काम करने से पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन दिए थे कि जिसमें आम लोगों से कहा गया था कि अगर लोगों के पास दो मई की घटना के बारे में कोई भी जानकारी है तो वह आयोग को प्रदान करें.

आयोग ने आम लोगों से कहा था कि अगर किसी के पास कोई जानकारी है तो वह 31 जुलाई तक आयोग से संपर्क करें लेकिन अभी तक किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं किया है.

आयोग ने अभी तक कोई जानकारी न मिलने पर निराशा जताई है और कुछ जानकारों का मानना है कि जानकारी न मिलना आम लोगों में सेना का डर है क्योंकि दो मई की घटना सीधे तौर पर ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से जुड़ी हुई है.

अगली बैठक अभी तय नहीं

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जाँच आयोग ग़ैर सरकारी गवाहों पर निर्भर कर रहा था और उसके सदस्यों को आशा थी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ सरकारी अधिकारी भी ख़ुफ़िया तौर पर आयोग से संपर्क कर अंदर की बात बताएँगे.

ऐसा न होने पर वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि ये मामला आयोग के काम को भी प्रभावित कर सकता है क्योंकि अभी तक केवल सरकारी पक्ष ही सामने आ सका है.

ग़ौरतलब है कि आयोग की अबतक की बैठकों में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना के बारे में अपना पक्ष रखा है.

आयोग की ताज़ा बैठक पहली अगस्त को होनी थी जिसमें आईएसआई के प्रमुख जनरल अहमद शुजा पाशा को पेश होना था लेकिन उनकी कुछ व्यस्तताओं के कारण बैठक स्थागित कर दी गई.

जाँच आयोग की अगली बैठक अभी तक तय नहीं की जा सकी है.

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