कराची में हिंसा जारी, पाँच ओर की मौत

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Image caption कराची में पिछले कई महीनों से लगातार हिंसा जारी है.

पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची पिछले कई महीनों से लगातार हिंसा का सामना कर रहा है और ताज़ा घटनाओं में पाँच लोगों की मौत हो गई है.

कराची पुलिस के मुताबिक़ हिंसा की ताज़ा घटनाएँ शहर के गुल्तिस्ताने जौहर और गुलशने इक़्बाल इलाक़ों में हुई और भीषण गोलीबारी में पांच लोग मारे गए जबकि पाँच अन्य घायल हो गए.

भीषण गोलीबारी के बाद पुलिस और अर्धसैनिकबलों ने इलाक़ों को घेर लिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस ने हिंसा करने के आरोप में 70 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है.

ग़ौतरलब है कि वर्ष 2007 के बाद से कराची लगातार हिंसा का सामना कर रहा है और उस दौरान हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं जिसमें अधिकतर संख्या विभिन्न राजनीतिकदलों के कार्यकर्ताओं की है.

'2011 में बड़ा नुक़सान'

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग का कहना है कि इसी साल जनवरी से लेकर अब तक शहर में हिंसा की घटनाओं में करीब आठ सौ लोग मारे जा चुके हैं जिसमें से तीन सौ केनल पिछले महीने में मारे गए.

सिंध प्रांत की राजधानी करीच की जनसंख्या करीब एक करोड़ 80 लाख है जिसमें अधिकतर उर्दूभाषी हैं जिनको आम भाषा में मोहाजिर कहा जाता और उनके पूर्वज विभाजन के समय भारत से आए थे.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) उर्दूभाषियों या मुहाजिरों का नेतृत्व करती है जबकि शहर में पठानों की संख्या में भी पिछले कुछ सालों से बढ़ी है और आवामी नेशनल पार्टी उनका नेतृत्व करती है.

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Image caption सेना ने पहली बारी कराची की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है.

दोनों राजनीतिक दल शहर में जारी हिंसा के लिए एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं.

'सेना ने की चिंता'

दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना ने पहली बार कराची की बिगड़ी हुई स्थिति पर चिंता व्यक्त की है.

सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी की अध्यक्षता में हुई उच्चास्तरीय बैठक में कहा गया कि कराची में बिगड़ी स्थिति से पाकिस्तानी की अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुँच रहा है.

सेना की ओर जारी एक बयान में कहा गया है कि सेना को उम्मीद है कि सरकारी की ओर से किए गए ताज़ा क़दमों से शहर की स्थिति बहतर हो जाएगी.

कराची में हिंसा की घटनाओं के बाद मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के प्रमुख अल्ताफ़ हुसैन ने कराची को सेना के हवाले करने की मांग की थी और इस संबंध में सेना यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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