पाक रक्षा बजट में व्यापक भ्रष्टाचार

  • 11 अगस्त 2011
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Image caption महालेखा परिक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक़ रक्षा बजट में अरबों रुपय के घोटाले किए गए हैं.

पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल अवामी नेशनल पार्टी की सांसद बुशरा गोहर ने संसद को बताया है कि पाकिस्तान के महालेखा परीक्षक ने रक्षा बजट में 56 अरब रुपए के वित्तीय घोटाले का पता चलाया है.

उन्होंने कहा कि सरकार इसका संज्ञान ले और संसद में इस पर गंभीर चर्चा हो. इसपर सरकार की ओर से किसी ने कोई जवाब नहीं दिया है.

संसद में इस बारे में और बात नहीं हुई लेकिन महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट सरकार पहले ही संसद में पेश कर चुकी है जिसकी प्रति बीबीसी के पास भी उपलब्ध है.

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रक्षा सेवाओं के 3,617 निर्माण हैं जिनमें से केवल 172 का ही परीक्षण किया गया.

रिपोर्ट में बताया गया है कि रक्षा बजट में धोखाधड़ी, घपलों, चोरी और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग में पांच अरब 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का पता चला है.

रक्षा बजट के हिसाब-किताब में दो अरब 32 करोड़ रुपए से ज़्यादा की ग़लतियां की गई हैं और हिसाब-किताब की नीति पर अमल नहीं किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ एक अरब 44 करोड़ रुपए से ज़्यादा की राशि की 'ओवर पैमेंट' की गई है और एक अरब रुपए से ज़्यादा की राशि का हिसाब-किताब ही नहीं दिया गया है.

संसद में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा बजट के लिए तीन सौ 78 अरब रुपए रखे गए लेकिन करीब नौ अरब 80 करोड़ अधिक लिए गए इसलिए कुल बजट तीन सौ 87 अरब से ज़्यादा का हो गया.

'कोई हिसाब किताब नहीं'

महालेखा परीक्षक ने कहा कि पिछले दस सालों में पाँच सौ 29 प्रस्ताव लिए गए लेकिन उनमें से केवल 65 प्रस्तावों पर अमल किया गया जबकि 65 प्रतिशत से ज़्यादा प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

महालेखा परीक्षक के अनुसार भंबर और जलालपुर जटाँ सहित कुछ सेना के ‘नॉन फ़ैमली स्टेशन’ में नियमों का उल्लंघन करते हुए ‘फ़ैमली फ्लैट’ बनाए गए और उस पर करीब दो करोड़ रुपय ख़र्च किए गए.

कराची स्थित सेना की मलीर छावनी में व्यावसायिक बुनियादों पर चलने वाली बर्फ़ की फ़ैक्ट्री से पानी और बिजली के मद में 25 लाख से ज़्यादा की राशि माफ़ी करवा दी गई जबकि फ़ैसल एयर बेस में बिल बोर्ड से मिलने वाली एक करोड़ की राशि का हिसाब-किताब नहीं दिखाया गया.

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Image caption पाकिस्तानी संसद में रक्षा बजट की कोई जानकारी नहीं दी जाती है.

रिपोर्ट में बताया गया कि सैनिकों के लिए ‘बुलेट प्रूफ़ जैकेट’ ख़रीदने का काम सेना ने एक संस्था को दिया और उसमें 42 करोड़ रुपए से ज़्यादा का घपला किया.

रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ सैन्य अधिकारी फ़ौजी घर इस्तेमाल करते हैं वह हाउस रेंट की मद में भी रक़म लेते रहे हैं और इसी तरह 15 लाख रुपए का घोटाला किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ लाहौर में एयर पोर्ट रोड पर साढ़े तीन एकड़ ज़मीन पर सेना ने गैरिज़न गोल्फ़ और कंट्री क्लब बना दिया है जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हो रहा है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि कराची में 13 सौ 85 नई गाड़ियाँ तीन अरब रुपय से ज़्यादा की राशि में ख़रीदी गई लेकिन वह पिछले तीन सालों से खड़ी हैं.

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