युवा की हत्या: सात जवानों को सज़ा

  • 12 अगस्त 2011
शाहिद इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption युवा की हत्या के आरोप में शाहिद को मौत की सज़ा हुई है.

पाकिस्तान की एक अदालत ने कराची में दिन दहाड़े एक युवक की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार अर्धसैनिक बल को सात जवानों को सज़ा सुना दी है.

कराची की आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुक़दमे के मुख्य अभियुक्त शाहिद ज़फ़र को मौत की सज़ा सुनाई है जबकि छह अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

अदालत ने गत 29 जून को सिंध रेंजर्स के सुरक्षाकर्मियों बाहू रहमान, मंठार अली, लियाक़त अली, मोहम्मद तारिक़, शाहिद ज़फ़र, मोहम्मद अफ़ज़ल और अफ़सर ख़ान को दोषी ठहराया था.

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि युवक सरफ़राज़ शाह की हत्या अर्ध सैनिक बल के जवानों का निजी काम था और सिंध रैंजर्स का इससे कोई संबंध नहीं है.

ग़ौरतलब है कि आठ जून को अर्धसैनिक बल के जवानों ने कराची में दिन दहाड़े सरफ़राज़ शाह पर गोली चलाई थी जिसमें वे मारे गए थे.

'कैमरा में दृश्य हुआ था क़ैद'

सिंध के एक टीवी चैनल 'आवाज़ न्यूज़' के कैमरामैन ने इस पूरे दृश्यों को अपने कैमरे में क़ैद कर लिया था.

आवाज़ न्यूज़ पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार एक व्यक्ति एक युवक को बालों से पकड़ कर पार्क के अंदर से लाता है और उसे सुरक्षाकर्मियों के हवाले करता है.

Image caption सुरक्षाकर्मियों ने दिन दहाड़े सरफ़राज़ को गोली मार दी थी.

उसके बाद वो युवक दया की भीख माँगता दिखाई देता है लेकिन एक सुरक्षाकर्मी युवा को क़रीब से गोली मारता है जो उसकी टांग पर लगती है और वो गिर जाता है बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है.

सुप्रीम कोर्ट ने कराची में इस युवक की मौत पर नाराज़गी जताते हुए गृह मंत्रालय को सिंध के अर्धसैनिक बलों के प्रमुख और पुलिस प्रमुख को हटाने का आदेश दिया था.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार मौहम्मद चौधरी ने कराची में युवक की मौत के मामले में अपने आप संज्ञान लिया था.

अदालत से इस आदेश के बाद गृह मंत्रालय ने सिंध में अर्ध सैनिक बलों के प्रमुख और प्रांतीय पुलिस प्रमुख को उनके पदों से हटा दिया था.

अब इसके लिए दोषी जवानों को सज़ा सुनाई गई है.

संबंधित समाचार