पाक सेना मुख्यालय पर हमला: सात को सज़ा

  • 13 अगस्त 2011
पाक सेना मुख्यालय
Image caption वर्ष 2009 में हुए इस हमले में नौ सैनिक मारे गए थे

पाकिस्तान की एक फ़ौजी अदालत ने सेना के मुख्यालय पर हुए हमले के आरोप में सात अभियुक्तों को सज़ा सुनाई है.

अदालत ने एक अभियुक्त को मृत्युदंड, चार को आजीवन कारावास और दो अभियुक्तों को आठ और सात साल क़ैद की सज़ा सुनाई है.

ग़ौरतलब है कि अभियुक्तों में से दो पाकिस्तानी सेना में काम करते थे और बाक़ी पाँच आम नागरिक हैं.

एक अभियुक्त वाजिद अली के वकील कर्नल इनामुर्रहमान ने बीबीसी को बताया कि अदालत ने पूर्व फ़ौजी अक़ील को मौत की सज़ा के साथ दो लाख रूपए का जुर्माना और इमरान सिद्दीक़ी को आजीवन कारावास के साथ एक लाख का जुर्माना भी लगाया है.

उनके मुताबिक़ तीन आम नागरिकों ख़लीक़ुर्रहमान, मोहम्मद उसमान और वाजिद अली को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई है जबकि मोहम्मद अदनान और ताहिर शफ़ीक़ को आठ और सात साल क़ैद की सज़ा हुई है.

यह सभी अभियुक्त मुख्य अभियुक्त और पूर्व सैनिक अक़ील के दोस्त समझे जाते हैं और अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन लोगों को सेना मुख्यालय पर हमले करने की योजना की जानकारी थी और वे अक़ील से सहयोग कर रहे थे.

पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में फ़ील्ड कोर्ट मार्शल की यह कार्रवाई रावलपिंडी में किसी गुप्त स्थान पर पाँच महीनों तक जारी रही थी.

अपील

कर्नल इनाम का कहना था कि सज़ा सुनाए जाने के बाद अभियुक्तों के रिश्तेदारों ने शुक्रवार को अड्याला जेल में उनसे मुलाक़ात की थी.

कर्नल इनाम के मुताबिक़ उन्हें अभी तक इस फ़ैसले का दस्तावेज़ नहीं मिला है और मिलने के बाद ही पता चलेगा कि उन अभियुक्तों को किस बुनियाद पर सज़ा दी गई है.

उन्होंने बताया कि दस्तावेज़ मिलने के बाद वे सेना के कोर्ट ऑफ़ अपील में इस फ़ैसले को चुनौती देंगे.

ग़ौरतलब है कि 10 अक्तूबर 2009 को कुछ अज्ञात हमलावरों ने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय पर हमला किया था.

आत्मघाती जैकेट पहने हमलावर मुख्यालय के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को मार कर मुख्यालय में दाख़िल होने में कामयाब हो गए थे जहां उन्होंने कई लोगों को घंटों तक बंधक बनाया हुआ था.

सेना ने हमलावरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी जिसमें नौ हमलावरों की मौत हो गई थी और अकील को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

इस हमले में 11 अन्य सैनिक भी मारे गए थे.

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