कराची में फिर ख़ूनख़राबा, 39 की मौत

  • 18 अगस्त 2011
कराची इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कराची में पिछले कई सालों से लगातार हिंसा जारी है जिसमें सैंकड़ों की मौत हो चुकी है.

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में पिछले 24 घंटों के दौरान हिंसक घटनाओं में कम से कम 39 लोग मारे गए हैं.

कराची के पुलिस प्रमुख के अनुसार गुरूवार को 22 लोग मारे गए जबकि बुधवार को 17 लोग मारे गए थे.

शहर में हिंसक घटनाओं का ताज़ा सिलसिला बुधवार की शाम उस वक़्त शुरु हुआ, जब कुछ अज्ञात लोगों ने शहर के भीमपुरा इलाक़े में हथगोले फ़ेंके और भीषण गोलीबारी की गई.

एक घर में हथगोला गिरने से एक बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन लोग मारे गए और पड़ोस के कुछ व्यक्ति घायल भी हो गए.

उसी दौरान शहर के विभिन्न इलाक़ों से छह नौजवानों के शव मिले और पुलिस के मुताबिक़ सभी युवाओं का संबंध पीपुल्स पार्टी के प्रभाव वाले इलाक़े लयारी से है.

उस घटना के बाद कुछ अज्ञात हमलावरों ने सत्ताधारी दल पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक वाजा करीमदाद को गोली मार दी थी.

'पूर्व विधायक की मौत'

पुलिस के मुताबिक़ शहर के खारादर इलाक़े में यह घटना घटी और भीषण गोलीबारी में पूर्व विधायक के एक साथी सहित चार लोग भी मारे गए और 27 अन्य घायल हो गए.

उस घटना के बाद कुछ अज्ञात लोगों मे आक्रोश में आकर उसी इलाक़े में भीषण गोलीबारी की जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई. उस दौरान कुछ लोगों ने तोड़-फ़ोड़ भी की और कुछ वाहनों को आग भी लगा दी.

पुलिस का कहना है कि पीपुल्स पार्टी के पूर्व विधायक की मौत के बाद हिंसा शहर के दूसरे इलाक़ों तक फ़ैल गई और लयारी, शेर शाह, बल्दिया और कई अन्य इलाक़ों में भीषण गोलीबारी हुई.

Image caption हिंसक घटानओं के बाद शहर में डर का माहौल है.

हिंसा का सिलसिला गुरुवार की सुबह तक जारी रहा. सिविल अस्पताल में दो युवाओं इमरान और जावेद के शव लाए गए, जहाँ उनका पोस्टमार्टम देर होने पर उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया.

शहर में विभिन्न इलाक़ों में हिंसक घटनाओं की वजह से व्यावसायिक केंद्र बंद हैं, जबकि सड़कों पर यातायात भी न होने के बराबर है.

संवेदनशील इलाक़ों में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है और सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है.

'सत्ता के लिए संघर्ष'

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग का कहना है कि इसी साल जनवरी से लेकर अब तक शहर में हिंसा की घटनाओं में करीब आठ सौ लोग मारे जा चुके हैं जिसमें से तीन सौ केवल पिछले महीने में मारे गए.

सिंध प्रांत की राजधानी कराची की जनसंख्या क़रीब एक करोड़ 80 लाख है जिसमें अधिकतर उर्दू भाषी हैं, जिनको आम भाषा में मोहाजिर कहा जाता और उनके पूर्वज विभाजन के समय भारत से आए थे.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) उर्दू भाषियों या मुहाजिरों का नेतृत्व करती है जबकि शहर में पठानों की संख्या में भी पिछले कुछ सालों से बढ़ी है और आवामी नेशनल पार्टी उनका नेतृत्व करती है.

दोनों राजनीतिक दल शहर में जारी हिंसा के लिए एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं.

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