'बारिश के बाद बीमारियों का ख़तरा बढ़ा'

  • 18 अगस्त 2011
बदीन
Image caption सिंध में पिछले दिनों भारी बारिश हुई थी जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि सिंध में भारी वर्षा के बाद चिकित्सा की अनुकूल सुविधाएँ न होने की वजह से बीमारियाँ फैल रही हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ जिन इलाक़ों में बारिश हुई है वहाँ बारिश का पानी ठहर गया है जिस की वजह से मच्छर पैदा हो रहे हैं और मलेरिया का ख़तरा बढ़ रहा है.

सिंध के बदीन और मीरपुर ख़ास ज़िलों के प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अधिकारियों ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसमें बताया गया है कि प्रभावित इलाक़ों में त्वचा की बीमारियाँ आम हैं और बारिश के पानी की वजह से मच्छर बहुत ज़्यादा हैं.

अधिकारियों ने सिंध सरकार को कहा है कि वह बच्चों का टीकाकरण करें और जहाँ पानी मौजूद है उसको निकालने के लिए व्यवस्था करें ताकि प्रभावित इलाक़ों में बीमारियाँ फ़ैलने से रोकी जा सके.

'चिकित्सा सुविधाओँ का आभाव'

डब्लूएचओ के मुताबिक़ बदीन शहर में पीड़ितों के लिए जो केंद्र बनाए गए हैं वहाँ चिकित्सा की सुविधा तो मौजूद है लेकिन वहां दवाइयों को अभाव है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय प्रशासन लोगों को अस्थायी तौर पर खाद्य सामग्री तो पहुँचा रही है लेकिन पीड़ितों केलिए लंबे समय तक की कोई व्यवस्था नहीं है. इसके इलावा जहाँ खाना पकाया जा रहा है वहाँ भी सफ़ाई के कोई ख़ास इंतज़ाम नहीं हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ सराकर ने पीड़ितों केलिए अधिकतर केंद्र सरकारी स्कूलों में बनाए हैं जहाँ बहुत ज़्यादा लोग हैं और केंद्र में बिजली की भी व्यवस्था नहीं है.

'पीने का साफ़ पानी नहीं'

संस्था का कहना है कि सरकार ने पीड़ितों को कपड़े नहीं दिए हैं और वह ज़मीन पर ही सोते हैं जबकि अधिकतर केंद्रों में पीने का साफ़ पानी भी नहीं है.

डब्लूएचओ ने बताया है कि जिन स्कूलों में पीड़ित रह रहे हैं वहाँ शौचालय की भी सुविधा नहीं है और पीड़ित बारिश के पानी का इस्तमाल करते हैं जिससे वह बीमार हो रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को पाकिस्तानी संसद की अध्यक्ष फ़हमीदा मिर्ज़ा ने बदीन के प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. फ़हमीदा मिर्ज़ा इसी इलाक़े से चुन कर संसद में पहुँची हैं.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार लोगों को खाद्य सामग्री नहीं पहुँचा रही है लेकिन सरकारी केंद्रों में सुविधा न होने की वजह से बीमारियां फ़ैल सकती हैं.

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