कराची में 'शोक दिवस' का व्यापक असर

  • 23 अगस्त 2011
कराची हड़ताल इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान के कराची शहर में हो रही लगातार हिंसा के ख़िलाफ़ हुई हड़ताल का व्यापक असर पड़ा है.

यहाँ की मुख्य राजनीतिक पार्टी मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने मंगलवार का दिन 'शोक दिवस' के रूप में मनाने का आह्वान किया था.

नक़ाब पहने लोगों ने सड़कों पर अवरोध खड़े किए और वाहनों पर हमला किया. पिछले सप्ताह से यहाँ क़रीब 100 लोग मारे गए हैं. जबकि जुलाई से 300 लोगों की मौत हुई है.

मंगलवार को भी हिंसा में छह लोग मारे गए. स्थानीय व्यापार संगठनों ने अधिकारियों को हिंसा पर क़ाबू न पाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने शहर में सेना को तैनात करने की मांग की है.

मांग

इस महीने के शुरू में एमक्यूएम ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. पार्टी ने पीपीपी पर आरोप लगाया था कि वो हिंसा रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है.

बुधवार को हुई हड़ताल का कराची में व्यापक असर पड़ा है. सभी बाज़ार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन को बंद रखा गया था.

गोलीबारी की भी ख़बरें आई हैं. व्यापार संगठनों का कहना है कि हिंसा के कारण उन्हें भारी नुक़सान हो रहा है, इसलिए जल्द से जल्द सेना को तैनात करना चाहिए.

पिछले सप्ताह पूर्व सांसद वाजा करीम डाड की हत्या के बाद शहर में हिंसा बढ़ी है. पुलिस का कहना है कि ज़्यादातर लोगों का पहले अपहरण हुआ फिर हत्या और कुछ लोगों को प्रताड़ित भी किया गया.

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