सज़ा देने के लिए अपहरण

  • 3 सितंबर 2011
पाक्-अफ़ग़ान सीमा इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तालिबान ने 25 बच्चों को गुरुवार को अगवा किया था.

पाकिस्तान में तालिबान का कहना है कि उसने सरकार का समर्थन कर रहे क़बायलियों को सज़ा देने के लिए 25 बच्चों को बंधक बनाया है.

पहले ख़बर आई थी कि तालिबान ने 30 से अधिक बच्चों को अग़वा किया है लेकिन अब पता चला है कि उनकी संख्या 25 है.

अग़वा किए गए बच्चों में से ही कुछ बच्चे भाग निकले थे और उन्होंने ही अपहरण की सूचना दी थी.

तालिबान का कहना है सरकार का समर्थन कर रहे क़बायलियों ने तालिबान से लड़ने के लिए लड़ाकों को तैयार किया , इसी की सज़ा देने के लिए इन बच्चों को बंधक बनाया गया है.

गुरुवार को 10 से 15 साल के उम्र के बच्चों को अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर चरमपंथियों ने अग़वा कर लिया था.

ईद के मौक़े पर घूमने के लिए पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े बाजौड़ गए ये बच्चे ग़लती से सीमा पार कर अफ़ग़ानिस्तान की ओर पहुँच गए थे.

तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर बच्चों को अग़वा करना पूर्व नियोजित था.

उनका कहना था,"हम लोगों को ये उम्मीद थी कि महमंद जाति के क़बायली ईद की छुट्टी के दौरान पिकनिक मनाने यहाँ आएंगे और इसी के तहत इन लोगों को अग़वा करने की योजना हमने बनाई थी."

रिपोर्टों के अनुसार क़बायली नेता इन बच्चों की रिहाई के लिए इन तालिबान चरमपंथियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं.

पिकनिक के लिए गए बच्चों के समूह में शामिल कुछ बड़े बच्चे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागने में क़ामयाब रहे थे और उन्होंने ही क़बायली नेताओं को अपहरण की जानकारी दी थी.

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