निश्चित तौर पर मार्च तक पाकिस्तान लौटूंगा: मुशर्रफ़

  • 10 सितंबर 2011
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Image caption परवेज़ मुशर्रफ़ पिछले कई सालों से लंदन में रह रहे हैं.

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि वो मार्च तक निश्चित तौर पर पाकिस्तान लौटेंगे चाहे वहां पहुंचने पर उन्हें जेल ही क्यों न हो जाए.

नौ साल तक पाकिस्तान की सत्ता में बने रहनेवाले परवेज़ मुशर्रफ़ को अदालत के सामने पेश होने का हुक्म दिया गया है.

उनपर आरोप है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को पूरी सुरक्षा नहीं प्रदान की.

परवेज़ मुशर्रफ़ अपने ख़िलाफ़ मुक़दमे को "बेबुनियाद" और राजनीति से प्रेरित बताते हैं.

लंबे समय तक अदालत के सवालों के जवाब ने देने के बाद उसने पिछले महीने उनकी संपत्ति और बैंक खातों को ज़ब्त करने का हुक्म दिया था.

बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि ये मुक़दमा झूठा है और मैं इसे लड़ सकता हूं."

"आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध"

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले की दसवीं बरसी के मौक़े पर वो उन घडि़यों को याद करते हैं जिसके बाद उन्होंने ये फैसला किया कि "आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध" में पाकिस्तान अहम रोल अदा करेगा.

वो ज़ोर देकर कहते है कि अल-क़ायदा और तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में किसी भी देश ने उतनी कुर्बानियां नहीं दी जितनी की पाकिस्तान को देनी पड़ीं.

वो कहते हैं कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान की सेना ने अल-क़ायदा नेताओं के ख़िलाफ़ कई अहम सफलताएं हासिल कीं थीं.

उनका कहना है कि 9/11 हमलों के सरग़ना ख़ालिद मोहम्मद शेख़ जैसे लोगों को या तो गिरफ़्तार कर लिया गया था या वो मारे गए थे.

मगर उनका कहना है कि उन्हें अफसोस है कि इन सफलताओं के साथ वो राजनीतिक क़दम नहीं उठाए जा सके जो क्षेत्र में शांति के लिए ज़रूरी थे जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर चरमपंथ का मामला और अधिक जटिल हो गया है.

मुशर्रफ़ काफ़ी दिनों से पाकिस्तान की राजनीति में अहम रोल अदा करने के ख्वाहिशमंद रहे हैं हालांकि उनके विरोधियों का कहना है कि उनका रसूख़ बीते कल की बात है.

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