पनेटा के बयान पर पाकिस्तान को आपत्ति

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Image caption पनेटा ने कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर अमरीका हक़्क़ानी नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करेगा

पाकिस्तान ने अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी यह टिप्पणी आतंकवाद के ख़िलाफ़ दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की भावना से हटकर है.

लियोन पनेटा ने चेतावनी दी थी कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों पर हमला करने वाले पाकिस्तान स्थित चरमपंथियों को रोकने की हरसंभव कोशिश करेगा. हालाँकि उन्होंने इस कार्रवाई के बारे में और ब्यौरा नहीं दिया था.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तेहमीना जंजुआ ने इस्लामाबाद में एक पत्रकार वार्ता में कहा, “हमने अख़बारों में लियोन पनेटा का बयान देखा है और उनकी यह टिप्पणी आतंकवाद और चरमपंथ के ख़िलाफ़ दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की भावना से हटकर है.”

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जहाँ कहीं भी आतंकवादी घटना हुई है, पाकिस्तान ने उसकी कड़े शब्दों में निंदा की है और आतंकवाद एक गंभीर समस्या है जिससे निपटने के लिए मज़बूत सहयोग की ज़रुरत है.

जंजुआ के अनुसार पाकिस्तान शुरू से ही आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध में सहयोग देता रहा है और उस सहयोग की बुनियाद पाकिस्तान की संप्रभुता का सम्मान और साझा कार्रवाई पर है.

लियोन पनेटा की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद और चरमपंथ जैसे मुद्दे पर मिलजुल कर ध्यान देने की ज़रुरत है और हिंसा कभी भी समस्या का समाधान नहीं है.

उन्होंने बताया कि आतंकवाद और चरमपंथ के ख़ात्मे केलिए पाकिस्तान अमरीका के साथ हर क़िस्म का सहयोग करने के लिए तैयार है.

हक़्क़ानी नेटवर्क

तेहमीना जंजुआ ने कहा कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों के सुरक्षित ठिकानों पर अपनी चिंता व्यक्त की है और वहाँ से देश के क़बायली इलाक़ों में सुरक्षा बलों पर हमले किए जाते हैं.

अमरीका ने काबुल में अमरीकी दूतावास और नेटो के मुख्यालय पर हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित हक़्क़ानी नेटवर्क को ज़िम्मेदार बताया है.

अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा था कि अमरीका ने समय-समय पर पाकिस्तानी सरकार से अपील की थी कि वो हक्कानी नेटवर्क पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है.

रक्षा मंत्री पनेटा समेत अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि मंगलवार को अमरीकी दूतावास पर हुए रॉकेट हमले और शनिवार को हुए एक ट्रक धमाके में हक़्क़ानी नेटवर्क का काम है.

उन ट्रक धमाकों में 77 अमरीकी सैनिक घायल हुए थे. रक्षा मंत्री पनेटा ने इस पर चिंता जताई थी कि हक़्क़ानी नेटवर्क के चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों पर हमला करके पाकिस्तान भाग जाते हैं.

उन्होंने कहा था कि ये स्वीकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अमरीकी कार्रवाई की योजना के बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.

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