पाक में 65 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ित

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Image caption सिंध में तीन हफ़्तों में लगातार भारी बारिश हुई हैं जिससे बाढ़ आ गई है.

पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि सिंध प्रांत में बाढ़ से स्थिति गंभीर होती जा रही है और 65 लाख से ज़्यादा जनसंख्या इससे प्रभावित है.

प्राकृतिक विपदाओं से निपटने की संस्था, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार भारी वर्षा के बाद सिंध के बाढ़ ग्रस्त इलाक़ों में पीड़ितों की संख्या 65 लाख से ज़्यादा हो गई है और कई ज़िलों में भारी नुक़सान हुआ है.

संस्था का कहना है कि चार लाख 75 हज़ार बाढ़ पीड़ितों का पंजीकरण किया जा चुका है और शिविरों में उनको खाद्य सामग्री साहित बुनियादी सुविधाएँ मुहैया करवाई जा रही हैं.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बारिश और बाढ़ के दौरान विभिन्न घटनाओं में 269 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 77 महिलाएँ और 56 बच्चे शामिल हैं.

संस्था के प्रवक्ता इरशाद भट्टी ने बताया कि सिंध प्रांत में 23 लाख 90 हज़ार बाढ़ पीड़ित विभिन्न बीमारियों का शिकार हो चुके हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार ने अतंरराष्ट्रीय समुदाय के साहयता की अपील की है.

उन्होंने बताया कि छह लाख से ज़्यादा पीड़ित नेत्र रोग, पाँच लाख से ज़्यादा त्वचा और साढ़े साल लाख पीड़ित हेज़ी की बीमारी का शिकार हैं जिसमें से चार लाख 13 हज़ार की स्थिति बहुत गंभीर है.

दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था ऑक्सफ़ैम ने कहा है कि सिंध में 50 लाख से ज़्यादा बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री और पीने के साफ़ पानी की ज़रुरत है.

'स्थिति चिंताजनक'

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बानकी मून ने कहा है कि पाकिस्तान में ताज़ा बाढ़ से हुआ नुक़सान पिछले साल आई सैलाब के मुक़ाबले का है.

उन्होंने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी से उनकी बात हुई है और उन्हें अफ़सोस है कि पिछले साल की बाढ़ के बाद पाकिस्तान को फिर से सैलाब की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा, “हमने एक उच्चस्तरीय राहत दल पाकिस्तान रवाना कर दिया है. अबतक मिलनी जानकारी के मुताबिक़ बाढ़ से पिछले साल जितना ही नुक़सान हुआ है.”

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए गुहार लगाई थी और उससे पहले राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने सहायता की अपील की थी.

पिछले साल सिंधु नदी में आई भयंकर बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए थे और अब प्रांत के दक्षिणी ज़िले बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं.

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