भारत-पाक समझौते का स्वागत

आनंद शर्मा और मख़्दूम अमीन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption पाकिस्तान और भारत के वणिज्य मंत्रियों के दिल्ली में बैठक हुई थी.

यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को दी गई व्यापारिक रियायतों पर भारत की ओर से आपत्ति न जताने के फ़ैसले का स्वागत किया है.

पाकिस्तान में यूरोपीय संघ के कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह बहुत की सकारात्मक क़दम है कि भारत ने यूरोपीय संघ की ओर से पाकिस्तान को दी गई व्यापारिक रियायतों पर आपत्ति न जताने का फ़ैसला लिया है.

ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने पिछले साल पाकिस्तान में बाढ़ आने के कारण उसे 75 अलग-अलग वस्तुओं में छूट दी थी मगर भारत ने उसका विरोध किया था जिसके बाद यूरोपीय संघ ने वह रियायत फ़िलहाल रोक ली थी.

पाकिस्तान में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि लार्स गन्नर वीगमार्क ने एक बयान में कहा कि भारत की ओर से लिया गया फ़ैसला पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों केलिए बहुत ही अहम है.

बयान के मुताबिक़ भारतीय फ़ैसले के बाद यूरोपीय संघ विश्व व्यापार संगठन में फिर से पाकिस्तान को दी गई रियायतों की प्रक्रिया शुरु करेगा और साथ ही यूरोपीय संसद और आयोग में इस संबंध में क़ानूनी प्रक्रिया भी शुरु कर दी जाएगी.

यूरोपीय संघ के बयान में बताया गया है कि सात नवंबर को विश्व व्यापार संगठन की बैठक हो रही है जिसमें पाकिस्तान को दी गई व्यापारिक रियायतों पर चर्चा होगी और इस पर औपचारिक निर्णय दिसंबर में विश्व व्यापार संगठन की महासभा में लिया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच अगले तीन वर्षों में आपसी व्यापार दो गुना से अधिक बढ़ाए जाने पर सहमति बनी थी.

इसके अलावा दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने के लिए कई अन्य मुद्दों पर सहमति बनी थी, जिसमें दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार सहमति (साफ़्टा) के तहत बनी सहमति को दोनों देश पूरी तरह से लागू करें.

पाकिस्तान भारत से ये माँग करता रहा है कि वह यूरोपीय संघ की ओर से पाकिस्तान को दी गई व्यापारिक रियायतों पर आपत्ति न जताए.

भारतीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने दिल्ली में पत्रकारों को बताया था कि कि भारत अब इसका विरोध नहीं करेगा.

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