पाकिस्तान को कार्रवाई करनी होगी: नैटो

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Image caption नैटो महासचिव के इस बयान ने पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ा दिया है.

नैटो के महासचिव रैसमोसेन ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं कि अल-क़ायदा से संबंध रखने वाले चरमपंथी संगठनों को पाकिस्तान में पनाह मिलता है और अब पाकिस्तान को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी ही होगी.

अल-क़ायदा से संबंध रखने वाले चरमपंथियों के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर बढ़ते अमरीकी दबाव के मद्देनज़र नैटो महासचिव के इस बयान को काफ़ी अहम समझा जा रहा है.

नैटो महासचिव का कहना था, ''हमनें पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी सरकार को साफ़ तौर पर बता दिया है कि सीमावर्ती इलाक़ों में सक्रिय चरमपंथी संगठनों की पनाहगाह के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई करनी ही होगी.''

रैसमोसेन ने कहा कि पाकिस्तान में चरमपंथियों की पनाहगाह अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सैनिकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है और इसलिए पाकिस्तान को इससे निपटना होगा.

उन्होंने कहा, ''ये नैटो और पाकिस्तान दोनों के हित में है कि हम इस समस्या का समाधान तलाश करें और यही कारण है कि हमने पाकिस्तान को साफ़ शब्दों में बता दिया है कि इस समस्या का हल ढूंढना होगा.''

ग़ौरतलब है कि गुरूवार को पाकिस्तान में हुई सर्वदलीए बैठक में पाकिस्तान सरकार, पाकिस्तानी सेना और दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने कथित तौर पर हक़्क़ानी नेटवर्क से संबंध रखने के आरोप और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए अमरीकी दबाव को ख़ारिज कर दिया था.

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