भारत-अफ़गान समझौते का नकारात्मक प्रभाव नहीं: गिलानी

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Image caption पाकिस्तान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अफ़गानिस्तान के बीच हुए सामरिक समझौते का पाकिस्तान पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच हुए सामरिक समझौते से पाकिस्तान पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.

उन्होंने इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “दो स्वतंत्र देश हैं और आपस में किसी प्रकार का समझौता कर सकते हैं और पाकिस्तान को इस पर कोई आपत्ति नहीं है.”

उन्होंने आगे बताया कि उनके विचार में भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच हुए समझौते से पाकिस्तान पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.

'नकारात्मक प्रभाव नहीं'

प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा, “हम तीनों देश एक ही क्षेत्र में मौजूद हैं और अगर इस क्षेत्र की स्थिर्ता केलिए तीनों देशों की ज़रुरत है को हमें मिल कर और आपसी मतभेद भुला कर काम करना चाहिए.”

ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बीच दिल्ली में हुई अहम बैठक में तय हुआ था कि भारत अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण, उपकरण और क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा.

बैठक में दोनों देश राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सामरिक वार्तालाप स्थापित करने के लिए सहमत हुए थे.

सामरिक समझौता

समझौते के अनुसार सामरिक साझेदारी का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, सुनियोजित अपराध, नशीली दवाओं के अवैध व्यापार और अवैध धन को वैध बनाने जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाना है.

समझौते में बताया गया है भारत अफ़गान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण, उपकरण और क्षमता बढ़ाने में मदद करने पर भी राज़ी हुआ है.

भारत और अफ़गानिस्तान के बीच ये समझौता ऐसे वक़्त हुआ है जब अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया हमलों के बाद रिश्ते विगड़ते जा रहे हैं.

भारत अफ़गानिस्तान के कुछ बड़े अनुदानकर्ताओं में से एक है.

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