सलमान तासीर के हत्यारे की सज़ा पर रोक

  • 11 अक्तूबर 2011
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Image caption इसी साल चार जनवरी को इस्लामाबाद में सलमान तासीर के सुरक्षागार्ड ने उन्हें गोली मारी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी.

पाकिस्तान की एक अदालत ने पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की हत्या के मामले में मौत की सज़ा का सामना कर रहे अभियुक्त मुमताज़ क़ादरी की सज़ा पर रोक लगा दी है.

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को आदेश दिया है कि वह 17 अक्तूबर तक अपना जवाब अदालत में पेश करे.

अभियुक्त मुमताज़ कादरी के वकीलों ने आतंकवाद निरोधक अदालत की ओर से दी गई मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी.

वकीलों ने अपनी याचिका में कहा था कि अदालत ने आतंकवाद निरोधक क़ानून की जिन धाराओं के अधीन सज़ा सुनाई है, वह आरोप सिद्ध नहीं हो सके थे.

ग़ौरतलब है कि रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत ने कुछ दिन पहले सलमान तासीर की हत्या के मुक़मदे में अपना फ़ैसला सुनाते हुए अभियुक्त मुमताज़ क़ादरी को मौत की सज़ा सुनाई थी.

अदालत ने अपने फ़ैसले के लिए मुमताज़ क़ादरी के उस बयान को बुनियाद बनाया था जिसमें उन्होंने सलमान तासीर की हत्या का ऐतराफ़ किया था और उसे अपना व्यक्तिगत कार्य बताया था.

'सलमान तासीर की हत्या'

मुमताज़ क़ादरी पंजाब पुलिस में नौकरी करते थे और वह गवर्नर सलमान तासीर की सुरक्षा पर तैनात थे.

इसी साल चार जनवरी को उन्होंने इस्लामाबाद की बाज़ार में सलमान तासीर पर सीधी गोलियाँ चलाई थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

सलमान तासीर पाकिस्तान के विवादास्पद ईश-निंदा क़ानून के संशोधन के पक्ष में थे और कहते थे कि ये क़ानून अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो रहा है.

धार्मिक संगठनों ने सलमान तासीर का विरोध उस समय शुरु किया जब उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद का अपमान करने के आरोप में मौत की सज़ा का सामना कर रही ईसाई महिला आसिया बीबी से जेल में मुलाक़ात की थी.

सलमान तासीर की हत्या के कुछ महीनों बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज़ भट्टी की इस्लामाबाद में उनके घर के सामने हत्या कर दी गई थी. वे भी ईश-निंदा क़ानून में संशोधन चाहते थे.

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