पाक रेलवे के पास पैसे नहीं, 106 रेलगाड़ियाँ बंद

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Image caption रेल मंत्री के मुताबिक़ पिछले तीन दिनों में 53 रेल गाड़ियाँ बंद कर दी गई हैं.

पाकिस्तान के रेल मंत्री ग़ुलाम अहमद बिलोर ने कहा है कि पाकिस्तान रेलवे के पास ईंधन के पैसे नहीं हैं, इसलिए 106 रेल गाड़ियाँ बंद कर दी गई हैं.

पाकिस्तानी सरकार इन दिनों भारी आर्थिक संकट का सामना कर रही है और कई संस्थाओं को चलाने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं.

संसद में शुक्रवार को रेल विभाग पर गंभीर रुप से चर्चा हुई और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया. विपक्षी सांसदों ने कहा कि जब सरकार रेल विभाग पर अरबों रुपए ख़र्च कर रही है तो आख़िर व्यवस्था बेहतर क्यों नहीं हो रही है.

रेल मंत्री ग़ुलाम मोहम्मद बिलोर ने संसद को बताया कि रेलवे के पास पैसे नहीं हैं, जिसकी वजह से पिछले तीन दिनों में 53 रेल गाड़ियाँ बंद कर दी गई हैं और अब तक उनकी संख्या 106 तक पहुँच गई है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई ऐसा मार्ग नहीं हैं, जहाँ रेलगाड़ी न चलती हो, लेकिन असर इतना पड़ा है कि जिस मार्ग पर पाँच गाड़ियाँ चलती थी, अब वहाँ केवल दो चल रही हैं.

'भ्रष्टाचार बड़ा कारण'

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक़ रेल विभाग के घाटे में रहने की सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार है, जिस पर सरकार नियंत्रण नहीं कर सकी है.

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे के पास इस समय 102 रेल इंजन बेहतर स्थिति में हैं, जिनमें छह माल गाड़ियों और 96 यात्री गाड़ियों के लिए इस्तेमाल हो रही है.

पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट के सांसद साजिद अहमद ने बात करते हुए कहा कि 12 अक्तूबर को राष्ट्रपति भवन में रेलवे के बारे में एक अहम बैठक होने वाली थी लेकिन उसको स्थगित किया गया और पाँचवी बार ऐसा हुआ है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रेलवे के पास अपने कर्मचारियों के वेतन और रेल गाड़ियों के ईंधन के लिए पैसे नहीं हैं और 550 के क़रीब रेलवे इंजन ख़राब हैं.

उनके मुताबिक़ दूसरे परिवहन का व्यापार तो चमक रहा है लेकिन रेल विभाग घाटे में चल रहा है और संदेह है कि इसमें ट्रांसपोर्ट माफ़िया का हाथ है जिस पर रेल मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए.

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक़ वर्ष 2008 और 2009 में पाकिस्तान रेलवे की आमदनी 23 अरब 16 करोड़ रुपए थी जो पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत ज़्यादा थी लेकिन इस साल रेल विभाग लगातार घाटे में चल रहा है.

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