पाक बाढ़ प्रभावितों के लिए पैसे जुटाना हुआ मुश्किल

  • 9 नवंबर 2011
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कई कल्याणकारी संस्थाओं का कहना है कि पर्याप्त धनराशि नहीं जुट पाने के कारण पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बाढ़ प्रभावित 50 लाख लोगों के लिए राहत कार्य बाधित हो सकते हैं.

ऑक्सफ़ैम, सेव द चिल्ड्रन, केयर जैसी चैरिटी संस्थाओं ने आगाह किया है कि 90 लाख से ज़्यादा लोगों पर कुपोषण और बीमारियों का ख़तरा मंडरा रहा है.

इन संगठनों ने कहा है कि अगर दानदाताओं ने जल्द और पैसा नहीं दिया तो राहत कार्य बंद करने पड़ेंगे.

संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता स्टेसी विंस्टन ने भी कहा है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त पैसा नहीं जुट पाया है. उनका कहना है कि इस वजह से लोगों को खाना-पीना और अन्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में दिक़्क़त हो रही है.

पाकिस्तान में ऑक्सफ़ैम के निदेशक नेवा ख़ान कहते हैं, “दो महीने बाद भी प्रभावित लोगों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल पाई है. अगर राहत कार्य बंद हो गए तो इसका बहुत बुरा परिणाम होगा. किसान नई फ़सलें नहीं लगा पाएँगे, बीमारियाँ फैल सकती हैं.”

सरकार की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र ने 35 करोड़ 70 लाख डॉलर की राशि का लक्ष्य रखा था लेकिन इसका एक तिहाई भी नहीं जुट पाया है.

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Image caption बाढ़ प्रभावितों की मदद को लेकर सरकार की आलोचना हुई है

संवाददाताओं का कहना है कि राहत एजेंसियों ने अपने बयान में किसी को दोष नहीं दिया है लेकिन बाढ़ पर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया की पिछली कुछ महीनों में तीखी आलोचना हुई है.

इस बयान पर पाकिस्तान सरकार या विदेशी दानदाताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन संवाददाताओं के मुताबिक आम धारणा ये है कि लगातार दूसरे साल सरकार बाढ़ प्रभावितों की मदद करने में विफल रही है.

चार राहत एजेंसियों का कहना है कि तीस लाख पाकिस्तानियों को अब भी खाद्य पदार्थों की सख़्त ज़रूरत है और अस्सी हज़ार लोग विस्थापित हैं.

सिंध में अधिकारियों के मुताबिक़ 22 में से कम से कम चार ज़िले अब भी पानी में घिरे हुए हैं.

सिंध प्रांत में इस साल आई बाढ़ पिछले साल की बाढ़ से कहीं ज़्यादा भीषण है जिसमें 250 लोगों की मौत हो चुकी है.

भारी मॉनसून बारिश के कारण आई बाढ़ से सिंध में ही 15 लाख लोगों के घर या तो नष्ट हो गए है या उन्हें नुकसान पहुँचा है.

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