मेमो विवाद पर नवाज़ शरीफ़ ने की आयोग की मांग

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Image caption नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि इस मामले पर अगर आयोग नहीं गठित किया गया तो लगेगा कि दाल में कुछ काला है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी पार्टी मु्स्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने अमरीकी सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलन को भेजे गए कथित गुप्त ज्ञापन की जाँच के लिए एक आयोग के गठन की माँग की है.

उन्होंने लाहौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “ये पत्र देश की संप्रभुत्ता और अखंडता पर प्रश्नचिन्ह है और इसकी जाँच के लिए आयोग बनाया जाए जिसमें सांसद, जज और वकीलों को नियुक्त किया जाए.”

उन्होंने आगे कहा कि उस आयोग से कहा जाए कि वह 15 दिनों के भीतर अपनी जाँच पूरी करे ताकि सब कुछ जनता के सामने आ जाए.

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि अगर आयोग गठित नहीं किया जाता है तो लगेगा कि दाल में कुछ काला है.

'कब आएगी ऐबटाबाद जांच की रिपोर्ट?'

उन के मुताबिक़ सरकार ने ऐबटाबाद में अमरीकी सैनिकों के हाथों ओसामा बिन लादेन की मौत की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया था, जिसकी कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आए हैं.

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को संसद के निचले सदन राष्ट्रीय एसेंबली में विपक्ष ने ज्ञापन विवाद पर जमकर हंगामा किया था.

सांसदों ने संसद का संयुक्त सत्र बुलाने की माँग की थी, जिस पर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा था कि वो पहले ही संसद को आश्वसन दे चुके हैं कि इस मुद्दे पर सरकार ने जो भी वादे किए हैं, वे पूरे किए जाएँगे.

गिलानी ने कहा कि फ़िलहाल राजदूत के पक्ष को सामने आने देना चाहिए.

पीपीपी की बैठक

दूसरी ओर ज्ञापन विवाद को लेकर राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की अध्यक्षता में सत्ताधारी दल पाकिस्तान पीपुल्स की अहम बैठक हुई जिस में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने भी भाग लिया.

उस बैठक में अमरीकी प्रशासन को भेजे गए कथित तौर पर गुप्त ज्ञापन को पीपुल्स पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ षडयंत्र बताया गया.

बैठक में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का बचाव करने का फ़ैसला लिया और बताया गया कि विवादित गुप्त ज्ञापन के मामले पर हुसैन हक़्क़ानी को स्प्ष्टीकरण के लिए संसद के सामने भी लाया जा सकता है.

ख़बरें हैं कि अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक़्क़ानी शनिवार को पाकिस्तान पहुँचेंगे और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाक़ात कर कथिक ज्ञापन पर जानकारी देंगे.

उन्होंने पाकिस्तान रावनगी से पहले अपने ट्विटर पर लिखा कि ‘अपनी मातृभूमि पाकिस्तान जा रहा हूँ.’

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