रब्बानी हत्या:अफ़ग़ान दल पाक जाएगा

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Image caption रब्बानी तालिबान के साथ शांति वार्ता कर रहे थे

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या की जांच के लिए अफ़ग़ानिस्तान का एक दल पाकिस्तान जाएगा.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने इस जांच दल को अपने देश के अंदर तहक़ीक़ात करने की अनुमति दे दी है.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार का यह कहना है कि रब्बानी की हत्या में पाकिस्तान की कुछ ताक़तों का हाथ है.

प्रवक्ता ऐमल फैज़ी ने काबुल में कहा, "अफ़ग़ानिस्तानी सरकार प्रोफ़ेसर रब्बानी के हत्या की जांच के लिए जल्दी ही एक दल को पाकिस्तान भेजेगा. पाकिस्तान की सरकार ने इस दल को वहां जाकर जांच करने अनुमति दे दी है."

फैज़ी ने यह भी कहा कि हाल ही में इस्तांबुल में हुए कॉन्फ़्रेंस में बातचीत के बाद पाकिस्तान को यह फै़सला लेना पड़ा है.

इस जांच दल में अफ़ग़ानिस्तान के कई मंत्रालयों के सदस्य होंगे. सरकारी प्रवक्ता ने अभी यह नहीं बताया कि यह जांच दल पाकिस्तान में कहां जाएगा और किससे मिलेगा.

हत्या का असर

पूर्व राष्ट्रपति रब्बानी की 20 सितंबर की एक आत्मघाती हमले में उस समय हत्या कर दी गई थी जब वो शांतिवार्ता के लिए तालिबान के सदस्यों से मिल रहे थे.

रब्बानी की हत्या से अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांति प्रक्रिया को धक्का पहुंचा था.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालिबान के साथ बातचीत के लिए शांति परिषद बनाई थी और रब्बानी इसके प्रमुख थे.

रब्बानी अफ़गानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ताओं के लिए मध्यस्थता कर रहे थे.

रब्बानी की मौत के बाद अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि उनकी सरकार तालिबान के साथ अब कोई वार्ता नहीं करेगी बल्कि अब वो पाकिस्तान से बातचीत करने पर ज़ोर देगी.

रब्बानी की हत्या से अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते पर भी विपरीत असर पड़ा था.

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