शेरी रहमान अमरीका में नई पाक राजदूत

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Image caption शेरी रहमान सत्ताधारी दल पीपुल्स पार्टी की वरिष्ठ सांसद हैं और सूचना मंत्री के पद पर भी रह चुकी हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पूर्व केंद्रीय सूचना मंत्री और पीपुल्स पार्टी की वरिष्ठ सांसद शेरी रहमान को अमरीका में नई पाकिस्तानी राजदूत नियुक्त कर दिया है.

शेरी रहमान ने 2008 के आम चुनावों के बाद पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व में बनी गठबंधन सरकार में सूचना मंत्री का पद संभाला था और पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के बाद मार्च 2009 में अपने पद से इस्तीफ़ा दिया था.

वे हुसैन हक़्क़ानी की जगह लेंगी जिन्होंने मंगलवार को 'ज्ञापन' विवाद के बाद राजदूत के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

हुसैन हक़्क़ानी ने मंगलवार को राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की थी जिसमें प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी, सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी और आईएसआई के प्रमुख शुजा पाशा मौजूद थे.

उन्होंने कथित ज्ञापन विवाद को लेकर पाकिस्तानी नेतृत्व को विस्तार से जानकारी दी थी और उसके बाद पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

'हक़्क़ानी पर आरोप'

हुसैन हक़्क़ानी ने पर आरोप लगा था कि उन्होंने पाकिस्तान में सेना की बढ़ती ताक़त के ख़िलाफ़ अमरीका से मदद मांगी थी.

उन्होंने पहले पद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी और फिर राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को एक पत्र भी लिखा था.

हक़्क़ानी ने ऐसे किसी भी ज्ञापन को तैयार करने या उसे अमरीकियों को देने की बात से इनकार किया था.

उधर अमरीका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलेन ने इस तरह का एक गुप्त ज्ञापन मिलने की पुष्टि की थी. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस ज्ञापन को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी.

इस कथित गुप्त ज्ञापन पर विवाद उस वक़्त शुरु हुआ था जब समाचार पत्र फाइनेंनशियल टाइम्स में पाकिस्तानी मूल के एक अमरीकी व्यापारी मंसूर ऐजाज़ ने लेख लिखा था.

मंसूर ऐजाज़ ने इस लेख में मलेन को दिए गए एक ज्ञापन का हवाला देते हुए लिखा था कि पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने सेना की कमान बदलने और चरमपंथी संगठनों से नाता तोड़ने की बात भी कही थी.

'विपक्ष की याचिका'

दूसरी ओर विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ ने अमरीकी सैन्य अधिकारी को भेजे गए कथित संदेश के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है.

यह याचिका पार्टी के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की ओर से दायर की गई है जिसमें राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी, केंद्र सरकार, सेनाध्यक्ष, आईएसआई के प्रमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों और पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक मंसूर ऐजाज़ को पार्टी बनाया गया है.

ग़ौरतलब है कि के दो दिन पहले नवाज़ शरीफ़ ने फ़ैसलाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए मांग की थी कि अगर दो दिनों में सरकार कथित संदेश की जाँच की घोषणा नहीं करती तो वे ख़ुद सुप्रीम कोर्ट जाकर जाँच के लिए अर्ज़ी देंगे.

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