हमले के बाद अमरीका ने भेजा संवेदना संदेश

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प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में बनी समिति ने अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के लिए खाद्य और अन्य सामग्री ले जाने वाले रास्ते बंद कर दिए हैं.

गिलानी ने इस हमले को पाकिस्तान की संप्रभुता में दख़ल बताया है.

नाराज़गी

कैबिनेट की रक्षा मामलों की समिति की बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वो अमरीका, नैटो और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ सभी कार्यक्रमों पर जारी सहयोग पर दोबारा विचार करेगी जिसमें कूटनीतिक, राजनीतिक, सैन्य सहयोग शामिल है.

समिति ने ये भी कहा है कि अमरीका को शम्सी हवाई अड्डा 15 दिन में खाली करना होगा. अमरीका यहाँ से ड्रोन हमले करता है.

वहीं नैटो के प्रवक्ता ने माना है कि इस बात की आशंका काफ़ी ज़्यादा हैं कि अफ़ग़ान सीमा पर हुए हमले के लिए नैटो ज़िम्मेदार है.

ब्रिगेडियर जनरल कार्स्टन जैकबसन ने पाकिस्तान को शोक संदेश भेजा है और कहा कि नैटो इस बात की जाँच कर रहा है कि ये घटना कैसे हुई.

बीबीसी संवाददाता ऑरला गयूरिन का कहना है कि ये ग़लती नैटो को बहुत मंहगी पड़ सकती है. पाकिस्तानी रास्तों के ज़रिए ही अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अपने सैनिकों तक सामग्री पहुँचाता है.

पाकिस्तान ने अमरीकी राजदूत को भी तलब किया है.

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