'नैटो हमले के लिए माफ़ी ना मिलने तक आपूर्ति बंद रहेगी'

  • 30 नवंबर 2011
अमरीका के विरुद्ध पाकिस्तान में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption नैटो हमले पर पाकिस्तान में रोष व्याप्त है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख़्तार ने कहा है कि जब तक अमरीका नैटो सेना के हमले पर माफ़ी नहीं मांगता तब तक अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगी रहेगी.

ग़ौरतलब है कि 26 नवंबर को नैटो सेना के हैलिकॉप्टरों ने पाकिस्तान के क़बाइली इलाक़े मोहमंद एजेंसी में अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हमला किया था जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर अमरीका की ओर से माफ़ी मांगी जाती है तो फिर अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के लिए सामान की आपूर्ति पर विचार किया जा सकता है.

'कोई और चारा नहीं'

चौधरी अहमद मुख़्तार ने उन्होंने कहा, “अगर अमरीकी दूसरे विकल्प पर विचार करते हैं तो उन्हें क्या मिलेगा? पहाड़ मिलेंगे जिन पर अब भी बर्फ़ जमी हुई है. ये लोग वो रास्ता इस्तेमाल नहीं कर सकते और फिर हमारे पास ही आएँगे.”

उस से पहले विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने संसद की विदेशी मामलों की समिति को बताया कि अब अमरीका के साथ जो भी सहयोग होगा वह लिखित और सिद्धांतों पर आधारित होगा और अगर अमरीका या नैटो सेना ने फिर हमला किया तो सहयोग की नीति पर पुनर्विचार किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ख़ून सैनिक हो या किसी आम नागरिक का, ख़ून ख़ून ही है और पाकिस्तानी फ़ौजी का ख़ून भी उतना क़ीमती है जितना नैटो या अमरीका के किसी सैनिक का.

विदेश मंत्री ने बताया कि अगर अमरीका क़बाइली इलाक़ों में ड्रोन हमले नहीं रोकता, पाकिस्तान की संप्रभुत्ता, अखंडता और प्रतिष्ठा का ख़्याल नहीं रखता तो भविष्य में उसका साथ देना मुश्किल होगा.

उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि मोहमंद एजेंसी जैसी घटना को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जायेगा और पाकिस्तान उस पर कभी भी ख़ामोश नहीं बैठेगा.

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