अल-क़ायदा ने कहा उनके कब्ज़े में है अमरीकी नागरिक

  • 2 दिसंबर 2011
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Image caption मई में ओसामा बिन-लादेन की मौत के बाद ज़वाहिरी ने अल-क़ायदा की कमान संभाली है.

अल-क़ायदा ने कहा है कि तीन महीने पहले पाकिस्तान से अग़वा हुए अमरीकी नागरिक वॉरेन वेनस्टीन उनके कब्ज़े में हैं.

वेनस्टीन को पाकिस्तान के लाहौर शहर से इस वर्ष 13 अगस्त को कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने अग़वा कर लिया था.

अल-क़ायदा के नेता आयमन अल-ज़वाहिरी ने एक वीडियो संदेश में कहा है कि अगर अमरीका अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान पर हवाई हमले बंद कर देता है तो वो वॉरेन वेनस्टीन को छोड़ देंगे.

अल-ज़वाहिरी ने वेनस्टीन को छोड़ने के बदले ओसामा बिन-लादेन के रिश्तेदारों समेत क़ैदियों की रिहाई की भी मांग की है.

कौन है अल-ज़वाहिरी?

वॉरेन वेनस्टीन यूएसऐड से जुड़े थे और पिछले पांच सालों से पाकिस्तान में रह रहे थे. अमरीकी अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर अब तक ये नहीं कहा है कि उन्हें किसने अग़वा किया है.

'हवाई हमले बंद हों'

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Image caption वॉरेन वेनस्टीन कम से कम पांच साल से पाकिस्तान में रह रहे थे.

वीडियो संदेश में आयमन अल-ज़वाहिरी ने कहा, “जैसे अमरीका किसी को भी अल-क़ायदा या तालिबान से जुड़े होने के शक पर हिरासत में ले लेता है, वैसे ही हमने भी इस व्यक्ति को पकड़ रखा है जो 1970 से पाकिस्तान में यूएसऐड के लिए काम कर रहा है.”

इस वर्ष 13 अगस्त को अग़वा होने के 12 दिन बाद लाहौर पुलिस ने कहा था कि वेनस्टीन को मुक्त करवा लिया गया है लेकिन बाद में पुलिस ने अपना बयान वापस ले लिया था.

उस वक्त इस्लामाबाद स्थित अमरीकी दूतावास ने कहा था कि उनके पास वेनस्टीन के रिहा होने का कोई सबूत नहीं है.

हांलाकि पाकिस्तान में फिरौती के लिए अपहरण आम बात है लेकिन कट्टरपंथी और आपराधिक समूह बहुत कम ही विदेशियों को निशाना बनाते हैं.

साल 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्ट डेनियल पर्ल को कराची से अग़वा कर लिया गया था. बाद में उन्हें मार दिया गया था.

पुलिस

वॉरेन वेनस्टीन को लाहौर में तड़के आठ बंदूकधारियों ने अग़वा किया था.

ऐसा कहा जाता है कि वेनस्टीन जेई ऑस्टिन एसोसिएट्स नामक कंपनी के निदेशक थे जो पाकिस्तान उद्योगों और सरकार को विभिन्न मुद्दों पर सलाह-मशविरा देते थे.

वे अधिकतर इस्लामाबाद में ही रहते थे लेकिन कभी-कभार लाहौर भी जाते थे.

जेई ऑस्टिन एसोसिएट्स की वेबसाइट पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय विकास का विशेषज्ञ बताया गया है जिन्हें 25 साल का अनुभव है.

वेनस्टीन के अपहरण के बाद पुलिस ने उनके तीन गार्डों और ड्राइवर को क़रीब तीन महीने तक हिरासत में रखा था.

लेकिन नवंबर में पुलिस ने कहा था कि उन्हें अपरहणकर्ताओं के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है.

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