'हमले का पूरी ताक़त के साथ जवाब दिया जाए'

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Image caption जनरल कियानी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने सैनिकों के कड़ा संदेश दिया है.

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी ने अपने सैनिकों को कहा है कि अगर भविष्य में उन पर कोई हमला करता है तो उसका भरपूर तरीक़े से जवाब दिया जाए.

पाकिस्तानी सेना ने जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी का अपने सैनिकों को दिया गया संदेश एसएमएस के ज़रिए कुछ पत्रकारों को भेजा है.

उस संदेश के मुताबिक़ जनरल कियानी ने सैनिकों को कहा, “इस बात को सुनिश्चित कर लें कि भविष्य में हम किसी भी हमलावर को आसानी से जाने नहीं देंगे.”

26 नवंबर को नेटो सेना के हैलिकॉप्टरों ने क़बायली इलाक़े मोहमंद एजेंसी में पाकिस्तानी सेना के चौकियों पर हमला किया था जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे और 13 अन्य घायल हो गए थे.

पाकिस्तानी सरकार और सेना के इस का कड़ा विरोध किया था और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की रोक लगा दी है, साथ ही अलगे सप्ताह जर्मनी के शहर बॉन में अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर हो रही बैठक का भी बहिष्कार किया है.

'सैनिकों पर विश्वास'

जनरल कियानी ने निर्देश दिए कि अगर भविष्य में सेना पर किसी भी प्रकार का हमला होता है तो उसका भरपूर तरीक़े से जवाब दिया जाए चाहे उसके जो भी परिणाम निकलें और कितना महंगा पड़े.

जनरल कियानी ने स्पष्ट किया कि अगर सैनिकों पर हमला होता है तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए ख़ुद फ़ैसला करें और किसी आदेश का इंतज़ार ना करें क्योंकि वे अपने सैनिकों पर विश्वास करते हैं.

इससे पहले भी सैनिकों पर हुए हमलों का पाकिस्तान ने विभिन्न तरीक़ो से विरोध जताया है.

दो दिन पहले रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख़्तार ने कहा था कि जब तक अमरीका नैटो सेना के हमले पर माफ़ी नहीं मांगता तब तक अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगी रहेगी.

उन्होंने कहा था कि अगर अमरीका की ओर से माफ़ी मांगी जाती है तो फिर अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के लिए सामान की आपूर्ति पर विचार किया जा सकता है.

दूसरी ओर पाकिस्तानी संसद ने नेटो सेना की ओर से पाकिस्तानी चौकियों पर किए गए हमले के विरोध में शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया.

संसद के ऊपरी सदन सीनेट में नेटो सेना की ओर से पाक-अफ़ग़ान सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की गई और कहा गया है कि इस प्रकार के हमले भविष्य में बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे.

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