सेना और सरकार में टकराव के बीच चुनाव की मांग

  • 11 जनवरी 2012
कयानी और गिलानी इमेज कॉपीरइट ap
Image caption सेना प्रधानमंत्री गिलानी के बयान से ख़ुश नहीं है

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने सेना और सरकार के बीच टकराव की स्थिति से बचने के लिए तुंरत आम चुनाव कराने की मांग की है.

उन्होंने लाहौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार और दूसरे संस्थानों के बीच टकराव की स्थिति शुरू हो चुकी है और वर्तमान सरकार ने पाकिस्तान का तमाशा बना दिया है.

उन्होंने बताया कि सरकार अदालत के फ़ैसलों की लगातार अवहेलना कर रही है और उन फ़ैसलों को पाँव तले रौंदा जा रहा है.

नवाज़ शरीफ़ ने ताज़ा संकट के लिए प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया और मांग की कि संकट के समाधान के लिए तुंरत आम चुनाव कराए जाएँ.

संकट

पाकिस्तान में ताज़ा संकट उस समय शुरू हुआ, जब प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में केंद्रीय रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम ख़ालिद लोधी को उनके पद से हटा दिया था.

प्रधानमंत्री कार्यलय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़ उन पर आरोप थे कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कुछ ऐसे क़दम उठाए, जिससे सरकारी विभागों के बीच ग़लतफहमियाँ पैदा हुईं.

उससे पहले पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने कथित मेमो विवाद को लेकर सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख पर जो आरोप लगाए हैं, उसके गंभीर परिणाम निकल सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने चीनी समाचार पत्र को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि सेनाध्यक्ष और आईएसआई प्रमुख ने कथित मेमो विवाद के मामले में अदालत में अपना जबाव उनकी मंज़ूरी के बिना पेश किया था.

संबंधित समाचार