तनाव के बीच ज़रदारी फिर दुबई चले गए

गिलानी और कियानी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कथित मेमो विवाद के बाद प्रधानमंत्री गिलानी और सेनाध्यक्ष कियानी के संबंधों में काफ़ी तनाव दिख रहा है

पाकिस्तानी की नागरिक सरकार और सेना के संबंधों में तनाव के बीच राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी एक दिन के निजी दौरे पर दुबई चले गए हैं.

इस समय कथित मेमो विवाद के चलते सरकार और सेना के बीच संबंध तनावपूर्ण हुए हैं.

समाचार एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रपति ज़रदारी निजी दौर पर दुबई गए हैं, जहाँ वे एक शादी में शामिल होंगे.

अधिकारियों के मुताबिक़ वे शुक्रवार की सुबह स्वदेश लौटेंगे और उनकी यात्रा का ताज़ा संकट से कोई संबंध नहीं है.

ग़ौरतलब है कि क़रीब एक महीने पहले राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी दुबई की एक अस्पताल में भर्ती थे, जहाँ उनके दिल का इलाज चल रहा था.

उस समय वे अचानक दुबई चले गए थे और अटकलें लगाई जा रहीं थी कि वह अपने पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं. लेकिन बाद में उन्होंने इसका खंडन कर दिया था.

'सरकार और सेना की बीच तनाव'

ताज़ा संकट उस समय शुरु हुआ जब सेना ने बुधवार को एक बयान जारी कर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के उस इंटरव्यू पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने मेमो विवाद के मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख की ओर से जवाब पेश करने को ग़ैरक़ानूनी बताया था.

बुधवार को सेना ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं और चेतावनी दी थी कि इस तरह के आरोपों से देश को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.

उसके कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में केंद्रीय रक्षा सचिव को उनके पद हटा दिया था.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया था कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने लेफ्टीनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम ख़ालिद लोधी को पद से हटा दिया है.

उन पर आरोप थे कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कुछ ऐसे क़दम उठाए जिससे सरकारी विभागों के बीच ग़लतफहमियाँ पैदा हुईं.

इन बयानों के बीच ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तान में तख़्ता पलट के आसार बन रहे हैं. हालांकि विश्लेषक इन अटकलों से सहमत नहीं दिखते.

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