पाकिस्तान में कियानी और ज़रदारी की मुलाक़ात

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Image caption राजनीतिक संकट दूर करने की दिशा में यह मुलाक़ात बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

पाकिस्तान में सरकार और सेना के संबंधों में तनाव के बीच सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की.

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता फ़रहतुल्लाह बाबर ने बीबीसी से बातचीत करते हुए इस मुलाक़ात की पुष्टि की और बताया कि यह मुलाक़ात क़रीब एक घंटे तक जारी रही.

सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति ज़रदारी से ऐसे समय में मुलाक़ात की है, जब पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और सेना के बीच संबंध काफ़ी तनावपूर्ण हैं.

फ़रहतुल्लाह बाबर ने इस मुलाक़ात की विस्तार से जानकारी तो नहीं दी लेकिन इतना ज़रुर बताया कि मुलाक़ात में देश की मौजूदा सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा हुई.

उन्होंने बताया कि यह मुलाक़ात सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी की इच्छा पर हुई.

पाकिस्तान के निजी टीवी चैनल 'डॉन न्यूज़' का कहना है कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी के बीच हुई मुलाक़ात में कथित मेमो विवाद पर भी विस्तार से चर्चा हुई.

'मेमोगेट'

डॉन न्यूज़ ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी को बताया कि सेना को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के उस इंटरव्यू पर आपत्ति है, जो उन्होंने चीन के एक समाचार पत्र को दिया था.

चैनल के मुताबिक़ जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से यह भी अनुरोध किया कि वह प्रधानमंत्री गिलानी को निर्देश दें कि वह अपना बयान वापस लें.

ग़ौरलतब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अख़बार को बताया था कि कथित मेमो विवाद के मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख ने अदालत में जो बयान पेश किया है, उसकी मंज़ूरी उनसे नहीं ली गई थी.

ताज़ा संकट उस समय शुरु हुआ जब सेना ने बुधवार को एक बयान जारी कर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के उस इंटरव्यू पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने मेमो विवाद के मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख की ओर से जवाब पेश करने को ग़ैरक़ानूनी बताया था.

बुधवार को सेना ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं और चेतावनी दी थी कि इस तरह के आरोपों से देश को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.

उसके कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में केंद्रीय रक्षा सचिव लेफ्टीनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम ख़ालिद लोधी को उनके पद से हटा दिया था.

उन पर आरोप थे कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कुछ ऐसे क़दम उठाए जिससे सरकारी विभागों के बीच ग़लतफ़हमियाँ पैदा हुईं.

इस तनाव के बीच राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी गुरुवार को एक दिन के लिए दुबई गए तो कई तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थीं लेकिन वे शुक्रवार को वापस लौट आए हैं.

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