गिलानी ने बदला स्वर, की सेना की तारीफ़

  • 15 जनवरी 2012
पाक रक्षा समिति बैठक
Image caption रक्षा समिति की बैठक एक ऐसे समय में हुई है जब सेना और गिलानी हुकुमत के बीच भारी तनाव है.

पाकिस्तानी सरकार और सेना के संबंधों के तनाव के बीच प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पहली बार सेना के प्रति अपना स्वर नरम करते हुए कहा है कि उनकी सरकार सेना का पूरी तरह से समर्थन करती है.

उन्होंने यह बात मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की एक अहम बैठक के बाद कही, जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी सहित कई वरिष्ठ मंत्री और सैन्य अधिकारी शामिल थे.

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार, संसद और पूरी जनता हर स्थिति में अपनी बहादुर सेना और सैनिकों के साथ है.”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार की नीति रही है कि सभी संस्थानों को अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए काम करने की इजाज़त है.

तनाव

उन्होंने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब उनकी सरकार और सेना के बीच कथित मेमो विवाद के चलते संबंधों में काफ़ी तनाव है.

हाल ही में उन्होंने सेना का नाम लिए बिना कहा था कि कुछ तत्व उनकी सरकार को भंग करने की कोशिशें कर रहे हैं.

रक्षा समिति की बैठक से पहले प्रधानमंत्री ने सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी से मुलाक़ात की थी. सेना के साथ हाल में बढ़े तनाव के बाद सेनाध्यक्ष से ये उनकी पहली मुलाक़ात थी.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से भेंट करने से पहले जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से भी मुलाक़ात की थी.

पाकिस्तान में ताज़ा संकट उस समय शुरु हुआ जब सेना ने पिछले सप्ताह एक बयान जारी कर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के उस इंटरव्यू पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने मेमो विवाद के मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख की ओर से जवाब पेश करने को ग़ैरक़ानूनी बताया था.

परिणाम

सेना ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं और चेतावनी दी थी कि इस तरह के आरोपों से देश को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.

उसके कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में केंद्रीय रक्षा सचिव लेफ्टीनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम ख़ालिद लोधी को उनके पद से हटा दिया था.

उन पर आरोप थे कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कुछ ऐसे क़दम उठाए जिससे सरकारी विभागों के बीच ग़लतफ़हमियां पैदा हुई थीं.

इस तनाव के बीच राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी गुरुवार को एक दिन के लिए दुबई गए तो कई तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थीं लेकिन वे एक दिन की यात्रा के बाद वापस लौट आए थे.

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