सेना के लिए गिलानी का सुर बदला

युसूफ़ रज़ा गिलानी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption गिलानी का ये ताज़ा वक्तव्य सेना और सरकार के बीच तनातनी को कम कर सकता है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने सेना के साथ पैदा हुई तल्ख़ी को दूर करने के प्रयास के तहत अपनी बातों में नरमी दिखानी शुरु कर दी है.

पाकिस्तान के सरकारी टेलीविज़न ने गिलानी को कहते हुए दिखाया है कि पाकिस्तान के लिए संस्थानों के बीच मतभेद नुकसानदेह होगा.

प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा है कि वे इस सोच को दूर करना चाहते हैं कि पाकिस्तान सेना ने असंवैधानिक काम किया है.

पाकिस्तानी टीवी पर गिलानी ने कहा,''मैं इस विचार को दूर करना चाहता हूँ कि सेना ने असंवैंधानिक क़दम उठाए या नियमों का उल्लंघन किया है.''

इस महीने की शुरुआत में उन्होंने पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष और ख़ुफ़िया विभाग के अध्यक्ष पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मेमो कांड पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होकर संविधान का उल्लंघन किया.

पाकिस्तान में दोनों पक्षों के बीच विवाद चलता रहता है लेकिन हाल के मेमोगेट मुद्दे ने संबंधों में और तनाव पैदा कर दिया है.

विवाद

दरअसल ये विवाद शुरु हुआ पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक मंसूर ऐजाज़ के 10 अक्तूबर 2011 को एक समाचार पत्र मे लिखे गए लेख से.

इसमें उन्होंने लिखा था कि अमरीका में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत हुसैन हक़्क़ानी ने अमरीकी सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलेन को कथित तौर पर एक संदेश भेजा था, जिसमें पाकिस्तानी सेना की ताक़त को कम करने के लिए अमरीका से कहा गया था.

पाकिस्तान के नेता कथित तौर पर इस बात से चिंतित थे कि ऐबटाबाद में मई के महीने में अमरीकी सुरक्षा बलों के ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद सेना तख़्तापलट करने वाली है.

हालांकि सेना ने इस बात को ख़ारिज किया था और सरकार की इच्छाओं के ख़िलाफ़ जाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डास इस मामले में जांच करने को कहा था.

अदालत में याचिका दायर कर इन लोगों की मांग थी कि मेमोगेट के लिए हुसैन हक़्क़ानी और राष्ट्रपति ज़रदारी के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुक़दमा चलाया जाए.

इसके बाद ही सेना और प्रधानमंत्री के बीच वाक् युद्ध शुरु हो गया था. हालांकि अपने ताज़ा बयान से गिलानी ने इसे शांत करने की कोशिश की है.

मंगलवार को गिलानी की सेना प्रमुख जनरल अशफ़ाक परवेज़ कियानी और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा से मुलाक़ात भी की थी. ये बातचीत इस बात का संकेत थी कि दोनों के बीच रिश्ते सुधर रहे हैं.

संबंधित समाचार