मुशर्रफ़ की पाक लौटने की योजना स्थगित

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Image caption वर्ष 1999 से 2008 पाकिस्तान के शासन की बागडोर परवेज़ मुशर्रफ़ के हाथ में थी

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक सहयोगी ने कहा है कि उन्होंने पाकिस्तान लौटने की अपनी योजना स्थगित कर दी है.

वर्ष 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन करने वाले पूर्व सेनाध्यक्ष मुशर्रफ़ ने जनवरी में कराची में हुई एक रैली को वीडियो लिंक के ज़रिए संबोधित करते हुए कहा था कि वे जनवरी 27 से 30 के बीच पाकिस्तान में होंगे.

वे आजकल निर्वासन में लंदन में रह रहे हैं. उनके ख़िलाफ़ पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा न प्रदान कर पाने के आरोप हैं. बेनज़ीर भुट्टो की वर्ष 2007 में एक रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी.

मुशर्रफ़ अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं. प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी समेत कई नेता बार-बार कह चुके हैं कि यदि मुशर्रफ़ पाकिस्तान लौटते हैं तो उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

कोई ताज़ा तारीख़ नहीं

हाल ही में मुशर्रफ़ ने उन ख़बरों का खंडन किया था जिनमें कहा गया था कि वे पाकिस्तान नहीं लोट रहे हैं.

मुशर्रफ़ की ताज़ा योजना पर दुबई में बोलते हुए उनके सहयोगी मोहम्मद सैफ़ ने कहा, "ये पक्का है कि जनरल मुशर्रफ़ पाकिस्तान लौटेंगे. लेकिन हम सुप्रीम कोर्ट और सरकार के बीच बढ़े तनाव के घटने का इंतज़ार कर रहे हैं. सरकार उनके लौटने के मौक़े को लोगों को ध्यान बाँटने के लिए इस्तेमाल कर सकती है."

लेकिन सैफ़ ने मुशर्रफ़ के लौटने की कोई ताज़ा तारीख़ नहीं दी.

सैफ़ मुशर्रफ़ री ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के महासचिव हैं और मुशर्रफ़ के पाकिस्तान लौटने का एक मक़सद अपने राजनीतिक सफ़र में नई जान फूँकना है.

पाकिस्तान और अमरीका के रिश्तों में तनाव बढ़ने के बाद से कई पर्यवेक्षक पूर्व सेनाध्यक्ष को कई समस्याओं के हल के रूप में देखते हैं.

फ़िलहाल पाकिस्तान में एक ओर सरकार और दूसरी ओर न्यायपालिका और ताकतवर सेना के बीच खींचतान चल रही है.

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