व्यक्ति विशेष नहीं संसद बनाएगी विदेश नीति: गिलानी

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तान की विदेश नीति अब कोई एक व्यक्ति नहीं बल्कि जनता की ओर से चुनी हुई संसद बनाएगी.

उन्होंने कश्मीर दिवस के अवसर पर इस्लामाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की अफ़ग़ान नीति पर कई प्रश्न चिन्ह हैं क्योंकि वह भी एक सैन्य शासक ने बनाई थी.

उन्होंने कहा, “वह दिन गए जब एक व्यक्ति बैठ पर पाकिस्तान की विदेश नीति बनाता था. अब देश की संसद ही विदेश नीति बनाएगी न कि कोई सैन्य शासक.”

पाकिस्तान की वर्तमान अफ़ग़ान नीति पर आलोचना करते हुए प्रधानमंज्ञी ने कहा, “यह नीति उस वक़्त बनाई गई थी, जब एक ही व्यक्ति सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति थे.”

उन्होंने पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ का नाम लिए बिना कहा कि जब अमरीका के उप-विदेश मंत्री ने उन्हें फ़ोन किया था तो वह अपनी कुर्सी से गिर पड़े थे और उन्होंने अमरीका की सब माँगे मान ली थी, जिसका ख़ामियाज़ा वर्तमान सरकार भुगत रही है.

गिलानी के मुताबिक़ अमरीका के साथ संबंधों की समीक्षा करने के लिए संसद की सुरक्षा समीति ने जो प्रस्ताव दिए हैं, उस पर संसद के संयुक्त सत्र में चर्चा होगी और बाद में संसद की अंतिम फ़ैसला लेगी.

पाकिस्तान की कश्मीर नीति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2008 के बाद से नियंत्रण रेखा के दोनों ओर कश्मीर में 14 अरब रुपय का व्यापार हो चुका है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने भारत को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने की मंज़ूरी दी है, जिसका यह अर्थ नहीं है कि उनकी सरकार राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा नहीं कर रही है.

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