गिलानी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना के मामले में जो अग्रिम याचिका दायर की है उस पर गुरुवार को सुनवाई है.

गिलानी के वकील ऐतज़ाज़ एहसान द्वारा दायर अपील के बाद मुख्य न्यायाधीश इफ़तिखार चौधरी ने कहा था कि उनकी अध्यक्षता में आठ सदस्यीय बैंच इस पर गुरुवार को सुनवाई करेगी.

वकील ने कोर्ट के बाहर रिपोर्टरों से कहा था कि उन्होंने अपने अपील में भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमरीका जैसे देशों में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों को अपना आधार बनाया है.

अवमानना का नोटिस

माना जा रहा है कि गिलानी ने याचिका इसलिए दायर की है क्योंकि उन्हें आशंका है कि अदालत उनके ख़िलाफ़ अभियोग तय कर सकती है.

याचिका में अदालत ने अनुरोध किया गया है कि फ़ैसला होने तक दो फ़रवरी के अदालती फ़ैसले पर अमल न किया जाए.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडपीठ ने दो फ़रवरी को अदालत की अवमानना करने के आरोप में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी पर अभियोग शुरू करने का फ़ैसला लिया था.अदालत ने प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को 13 फ़रवरी को पेश होने का आदेश भी दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने 16 जनवरी को कई नेताओं को मिली आम माफ़ी के मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया था.

प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे और अदालत को बताया था कि पाकिस्तान के संविधान के तहत राष्ट्रपति ज़रदारी पर कोई मामला नहीं चलाया जा सकता.

गिलानी पर आरोप है कि उन्होंने ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए स्विस अधिकारियों से आग्रह न करके अदालत की अवमानना की है.

प्रधानमंत्री गिलानी ने स्विटरज़रलैंड से राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के एक मामले की दोबारा जांच शुरू करने का आवेदन नहीं किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी.

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