मुशर्रफ की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क करेंगे: पाक

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Image caption बेनज़ीर की हत्या के समय परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और अब लंदन में निर्वासन में हैं

पाकिस्तान की सरकार पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मुकदमे में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क करेगी.

यह घोषणा गृह मंत्री रहमान मलिक ने सिंध विधानसभा में बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में हुई प्रगति पर विधायकों को विस्तार से जानकारी देते हुए की है.

ग़ौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की 27 दिसंबर 2007 को रवालपिंडी में एक चुनावी सभा में हुए आत्मघाती हमले में हत्या हो गई थी.

उस वक़्त जनरल परवेज मुशर्रफ राष्ट्रपति थे और पीपुल्स पार्टी की वर्तमान सरकार ने उन्हें बेनज़ीर भुट्टो की हत्या का दोषी मानती है. हालाँकि, इन सभी आरोपों को परवेज मुशर्रफ सिरे से खारिज करते आए हैं.

'चुनाव में भाग न लेने की धमकी'

गृह मंत्री रहमान मलिक ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने बेनज़ीर भुट्टो को स्वदेश लौटने और चुनाव में भाग न लेने की सलाह दी थी और दूसरी सूरत में कड़े परिणाम का सामना करने की धमकी दी थी.

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Image caption बेनजीर भुट्टो 2007 में निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटी थीं और 27 दिसंबर को उनकी हत्या हो गई थी

रहमान मलिक के इलावा बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मुकदमे की जाँच कर रहे दल के प्रमुख तारिक़ कुरैशी ने भी विधानसभा के सामने - दस्तावेज़ रखे और वीडियो के ज़रिए तालिबान की गतिवियाँ, उसके नेटवर्क और योजना के बारे में बताया.

गृह मंत्री के मुताबिक बेनज़ीर भुट्टो की कराची में वापसी से लेकर रावलपिंडी में उनकी हत्या तक उन पर हमले की कोशिश की गई लेकिन अभियुक्तों को कामयाबी रावलपिंडी में मिली.

उन्होंने बताया कि बेनज़ीर भुट्टो पर हमले की योजना में तहरीके तालिबान के उस वक़्त के प्रमुख बैतुल्लाह मेहसूद, इल्यास कश्मीरी और अल कायदा के नेता अबू उबैदा अल मिस्री शामिल थे, जो अमरीकी ड्रोन हमलों में मारे जा चुके हैं.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने ख़ुद बेनज़ीर भुट्टो को बताया था कि उनकी ज़िंदगी को खतरा है लेकिन उन्होंने बयान रिकॉर्ड करने से इंकार कर दिया.

एक इस्लामी देश का विशेष दूत संदेश लेकर पाकिस्तान आया था कि बेनज़ीर की ज़िंदगी को ख़तरा है लेकिन उसका भी बयान रिकॉर्ड नहीं हुआ.

अमरीकी पूर्व विदेश मंत्री कॉन्डोलीज़ा राईस ने भी इस मामले में अपना बयान नहीं दिया है.

रावलपिंडी की आतंकवाद निरेधक अदालत में बेनज़ीर भुट्टो की हत्या का मुकदमा चल रहा है और अदालत ने परवेज मुशर्रफ की गिरफ्तारी के वांरट भी जारी किए हैं.

परवेज मुशर्रफ इन दिनों लंदन में निर्वासन में रह रहे हैं और उन्होंने पिछले महीने स्वदेश लौटने की घोषणा तो की थी लेकिन अचानक अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया था.

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