भारत से व्यापार को फ़ौज की मंज़ूरी: पाक

  • 1 मार्च 2012
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Image caption पाकिस्तान इस साल के अंत तक भारत लिए नकारात्मक सूची ख़त्म कर देगा.

पाकिस्तान के सूचना मंत्री फिरदौस आवान ने कहा है कि भारत को एमएफएन देने के पहले पाकिस्तान की सरकार ने फ़ौज से अनुमति ले ली है.

पाकिस्तान ने बुधवार को इसी साल के अंत तक भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए नकारात्मक सूची ख़त्म करने की घोषणा की है.

आवान ने कहा कि भारत के साथ व्यापार को बदहने के लिए उन सभी पक्षों जिनके हित इसमें जुड़े हुए हैं उनसे बात कर ली गयी है " इनमे फ़ौज भी शामिल है."

एमएफएन का दर्जा

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़िरदौस आशिक़ आवान ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी.

इस समय पाकिस्तान केवल 1963 चीज़े भारत से आयात करता है. जबकि दूसरे देशों से पाकिस्तान लगभग नौ हज़ार चीज़े आयात करता है.

भारत-पाकिस्तान का व्यापार एक सकारात्मत सूची के आधार पर है लेकिन बुधवार के फ़ैसले के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार का आधार नकारात्मक सूची हो जाएगा.

पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने 636 चीज़ों की एक नकारात्मक सूची तैयार की थी जो कि भारत से आयात नहीं की जा सकेंगी लेकिन कपड़ा और औद्योगिक मंत्रालय के अलावा कुछ दूसरे क्षेत्रों के विरोध के बाद सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 1200 कर दिया.

अब नकारात्मक सूची में 1206 चीज़े शामिल की गई हैं जिनको भारत से आयात नहीं किया जा सकेगा. लेकिन इस सूची को भी आने वाले दिनों में ख़त्म कर दिया जाएगा.

आवान ने बताया कि 31 दिसंबर 2012 तक धीरे धीर ‘नेगेटिव लिस्ट’ ख़त्म हो जाएगी और उसके बाद पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों सामान्य हो जाएंगे, जो पाकिस्तान के हित में हैं.

एक पत्रकार की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सूचना मंत्री ने कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के कश्मीर के बीच व्यापारिक संबंधों से कश्मीर मुद्दे का कोई नुक़सान नहीं हो रहा तो पाकिस्तान और भारत के बीच कैसे नुक़सान होगा.

उनके मुताबिक़ जब दोनों कश्मीर के बीच व्यापार शुरु हुआ तो उस वक़्त से अब तक 14 से 15 अरब रुपय का व्यापार हुआ है और 1400 ट्रकों में सामान भेजा या लाया गया है.

भारत का स्वागत

पाकिस्तान की भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार उदार बनाने की नीतिगत पहल का स्वागत करते हुए वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि इससे दोनों मुल्कों में कारोबार की संभावनाएं बढ़ेंगी.

इस पहल का सीधा मतलब है कि अब पाकिस्तान के साथ 90 प्रतिशत उत्पादों का कारोबार हो सकता है.

बीबीसी संवाददाता ऐजाज़ महर का कहना है कि पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक संबंध सामान्य होने से जहाँ विश्वास की बहाली होगी वहीं दोनों देशों के बीच ग़लतफहमियाँ भी दूर होंगी और कश्मीर सहित सभी मुद्दों के हल में बाधा दूर हो सकती है.

सरकार का ऐसा फ़ैसला निश्चित रुप से ऐसे तत्वों के लिए झटका साबित होगा जो भारत को हमेशा एक दुश्मन देश के रुप में देखना चाहते हैं ताकि उनके अपने हित पूरे हो सकें.

हाल ही में भारत के वाणि़ज्य और उघोग मंत्री आनंद शर्मा ने दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के मकसद से पाकिस्तान की यात्रा की थी. आज़ादी के बाद यह पहला मौका था , जब कोई भारतीय वाणिज्य मंत्री पाक दौरे पर गया था.

आनंद शर्मा की यात्रा के समय नकारात्मक सूची को तुरंत तो नहीं लागू किया जा सका था लेकिन इस बात पर सहमति बन गई थी कि फरवरी 2012 तक पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापार का आधार नकारात्मक सूची हो जाएगी.

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